लोस चुनाव से पहले समझौता, सिंघीराम पर जयराम सरकार की दोहरी मेहरबानी
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कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे सिंघीराम पर जयराम सरकार ने दोहरी मेहरबानी की है। पहले सिंघीराम के बगैर अनुमति से विदेश दौरा करने के लिए रिकवरी की रकम लाखों से घटाकर हजारों में कर दी और अब इसे एक साथ वसूलने के बजाय सिंघीराम के अनुरोध पर किस्तें लगा दी गई हैं।
यह समझौता लोकसभा चुनाव से ठीक पहले किया गया है। सिंघीराम से तीन देशों के दौरे के चलते साढे़ तीन लाख से अधिक की धनराशि वसूली जानी थी। अब लगभग 76 हजार वसूले जा रहे हैं। यह वसूली भी लगभग 15-15 हजार रुपये की किस्तों से की जाएगी।
सिंघीराम सरकारी खर्च पर एक दशक पहले जर्मनी, इटली और दुबई के दौरे पर गए थे। तब वे बागवानी मंत्री थे। उनका यह दौरा नियमानुसार नहीं माना गया। 29 जुलाई, 2015 को एचपीएमसी के तत्कालीन एमडी जेसी शर्मा की ओर से सिंघीराम को 76,990 रुपये और 26 अप्रैल 2018 को एचपीएमसी के जीएम सुरेंद्र माल्टू ने 3,64,965 रुपये रिकवर करने का नोटिस दिया।
मामला कैबिनेट में गया और तय किया गया कि सिंघीराम से लगभग 76 हजार रिकवर किए जाएंगे। रकम घटाए जाने पर सिंघीराम इसे देने के लिए तैयार हो गए, मगर इसे किस्तों में देने का अनुरोध किया। इस पर एचपीएमसी सहमत हो गया है। अब उनकी पूर्व विधायक पेंशन से पांच किस्तें कटेंगी।
जयराम के गृह संसदीय क्षेत्र मंडी से हैं सिंघीराम
पूर्व मंत्री सिंघीराम मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के गृह संसदीय क्षेत्र मंडी से ताल्लुक रखते हैं। वह रामपुर हलके से हैं। सूत्रों की मानें तो सिंघीराम को कुछ नेता भाजपा को ज्वाइन करने का भी ऑफर दे चुके हैं।
पूर्व उद्यान मंत्री सिंघीराम बगैर अनुमति विदेश गए, इसलिए उनसे यह रिकवरी हो रही है। उन्होंने इसे वेव ऑफ करने के लिए कहा था, मगर सरकार ने ऐसा नहीं किया। कोई भी जनप्रतिनिधि इस तरह से नियमों के विरुद्ध विदेश जाए तो उससे ऐसी ही रिकवरी होती है।
सरकार ने रिकवरी की राशि तय की है। यह सही है कि इसे किस्तों में वसूला जा रहा है। कई बार एक साथ पैसा देने की स्थिति न हो तो ऐसा किया जाता है। - महेंद्र सिंह ठाकुर, बागवानी मंत्री