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हिमाचल: स्वर्णिम दृष्टिपत्र से बचीं कई घोषणाएं होंगी बजट में शुमार
Mon, 21 Feb 2022 01:44 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 21 Feb 2022 01:44 PM IST
सार
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर चार मार्च को वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट अनुमानों को पेश करने जा रहे हैं। इस पर सभी वर्गों की नजरें टिकी हुई हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जयराम सरकार की ओर से स्वर्णिम दृष्टिपत्र में बची कई घोषणाएं वार्षिक बजट में शुमार की जाएंगी। जयराम सरकार के चुनावी बजट से राज्य के विभिन्न वर्गों को कई उम्मीदें हैं। राज्य का वित्त महकमा भाजपा के घोषणापत्र रहे स्वर्णिम दृष्टिपत्र का बारीकी से अध्ययन कर बजट अनुमानों को अंतिम रूप देने में जुटा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर चार मार्च को वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट अनुमानों को पेश करने जा रहे हैं। इस पर सभी वर्गों की नजरें टिकी हुई हैं।
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किस क्षेत्र को क्या उम्मीद
पर्यटन
योग और पंचकर्मा केंद्र खोलने, साहसिक खेलों के लिए नए स्थलों को चिह्नित करने, रोप-वे निर्माण, झीलों और बांधों में जलक्रीड़ा, 100 पर्यटन गांवों की पहचान।
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कृषि
सोलर फेंसिंग की सब्सिडी बढ़ाने, खाद, बीज, दवाओं के निरीक्षण की नई नीति, बंजर भूमि के विकास की नीति को बनाने, वर्षा जल संग्रहण को प्रोत्साहन, विधायन यूनिटों की स्थापना।
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कर्मचारी
सरकारी कर्मचारियों के लिए कर्मयोगी योजना, ओल्ड पेंशन स्कीम पर राहत, एसएमसी शिक्षकों की नीति में बदलाव कर क्लॉज-नौ और दस को हटाने, पंचायत तकनीकी सहायकों, मिड-डे मील, आशा वर्कर्स, आंगनबाड़ी वर्कर्स, सिलाई-कढ़ाई अध्यापकों के मानदेय में बढ़ोतरी, कर्मचारियों के लिए दो साल के प्रोबेशन में वेतन वृद्धि का राइडर हटाना, कर्मचारियों की करीब 15 हजार रिक्तियां भरना, स्थानांतरण नीति।
इनकी भी आस
धर्मशाला में हाईकोर्ट का सर्किट हाउस खोलने, वकीलों को अदालतों के साथ चैंबर उपलब्ध करवाने, 1972 से पहले रहने वाले लोगों को निजी भवन निर्माण के लिए 500 मीटर और व्यावसायिक उपयोग के लिए 250 मीटर भूमि देने पर नीति, विधायकों और पूर्व विधायकों के वेतन निर्धारण के लिए आयोग बनाना, हर धार्मिक स्थान पर ऑडिटोरियम बनाना।