पीटीए शिक्षकों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में प्रदेश सरकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के स्कूलों में कार्यरत 1368 लेफ्ट आउट पीटीए शिक्षकों को सरकार विधानसभा चुनावों में जाने से पहले बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। 27 सितंबर को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में पीटीए शिक्षकों को नियमित शिक्षकों की तर्ज पर मानदेय देने का फैसला लिया जा सकता है।
शिक्षा विभाग ने सरकार के आदेशानुसार प्रस्ताव बनाने पर काम शुरू कर दिया है। 18 सितंबर को हुई कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव नहीं आने के चलते मामला लटक गया था। अनुबंध पर आने से छूट चुके 1368 पीटीए शिक्षकों का पांच सितंबर की कैबिनेट बैठक में मासिक मानदेय एक हजार रुपये बढ़ाया गया है।
लेफ्टआउट पीटीए शिक्षकों को अनुबंध शिक्षकों के बराबर मानदेय और सभी तरह की सुविधाएं देने का फैसला लिया गया। कैबिनेट ने इन शिक्षकों के मानदेय में हर साल वृद्धि करने, छुट्टियों का पैसा देने और पांच स्पेशल लीव देने को भी हरी झंडी दी। अब यह शिक्षक सरकार पर नियमित शिक्षकों के बराबर मानदेय देने की मांग पर अड़े हैं।
अनुबंध पर आने से छूट गए थे 1368 पीटीए शिक्षक
मुख्यमंत्री से इस संदर्भ में शिक्षक कई बार मिल चुके हैं। ऐसे में संभावित है कि विधानसभा चुनावों में जाने से पहले सरकार शिक्षकों को बड़ा तोहफा दे सकती है। साल 2015 में नौकरी में गैप पीरियड होने के चलते 1368 पीटीए शिक्षक अनुबंध पर आने से छूट गए थे।
इस दौरान सरकार ने करीब 5100 से पीटीए शिक्षकों को अनुबंध पर लिया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट में पंकज कुमार बनाम स्टेट केस विचाराधीन होने के चलते यह शिक्षक अनुबंध पर आने से छूट गए। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए हैं।
इसके चलते प्रदेश सरकार लेफ्टआउट पीटीए शिक्षकों को अनुबंध पर नहीं ला पा रही है। चुनावी साल में सरकार बड़ा दांव खेलते हुए लेफ्टआउट शिक्षकों को अनुबंध पर लाने के आड़े आ रहे नियमों के चलते नियमित शिक्षकों के बराबर मानदेय करने का फैसला ले सकती है।