प्राइवेट स्कूल अब नहीं कर पाएंगे मनमानी, हाईकोर्ट ने दिए आदेश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के निजी स्कूल अब मनमानी नहीं कर पाएंगे। इन्हें स्कूलों में उपलब्ध करवाई जाने वाली सुविधाओं का ब्योरा नोटिस बोर्ड और स्कूल की वेबसाइट पर देना होगा। 25 जुलाई को हिमाचल हाईकोर्ट ने ये आदेश दिए हैं।
इसमें कहा है कि निजी स्कूलों को फैकल्टी, स्टाफ की शैक्षणिक योग्यता के साथ स्कूल की संबद्धता और इन्फ्रास्ट्रक्चर आदि का ब्योरा वेबसाइट और स्कूल के मुख्य गेट पर लगाए नोटिस बोर्ड पर देना होगा।
प्राइवेट स्कूलों को एक महीने के भीतर अपनी वेबसाइट बनाकर इसमें हर जानकारी देनी होगी। कोर्ट ने यह भी कहा है कि इस आदेश का पालन नहीं हुआ तो इसे न्यायालय की अवमानना माना जाएगा।
न्यायालय के इस आदेश के बाद शिक्षा विभाग भी जिलावार स्टेटस रिपोर्ट मांग रहा है। इन आदेशों की पालना करने को लेकर उप निदेशक उच्च शिक्षा ने पहले ही जिला भर के सभी निजी स्कूलों को दो दिन का समय दिया है। स्कूलों को आदेश जारी किए गए हैं कि उन्हें यह सारी जानकारी स्कूल के मुख्य द्वार के बाहर लगानी होगी।
सार्वजनिक करनी होगी यह सूचना
उप निदेशक के आदेशों में सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे न्यायालय के आदेशों के मुताबिक छात्रों से फीस के साथ किसी भी तरह का बिल्डिंग, डेवलपमेंट या इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड नहीं वसूलेंगे। यह सब शिक्षा विभाग सुनिश्चित करेगा।
सार्वजनिक करनी होगी यह सूचना
1. स्कूल फैकल्टी और स्टाफ की शैक्षणिक योग्यता (प्रोफाइल) और अनुभव के साथ
2. स्कूल की संबद्धता और संबद्धता प्रमाणपत्र की प्रति
3. स्कूल के पास उपलब्ध इन्फ्रास्ट्रक्चर (ढांचागत सुविधाएं)
4. इंटर्नशिप और प्लेसमेंट ब्योरा
5. फीस स्ट्रक्चर ब्रेकअप के साथ
6. स्कूल की एक्स्ट्रा कोकरिकुलर एक्टिविटी ब्योरे के साथ
7. स्कूल पीटीए पदाधिकारियों के टेलिफोन/मोबाइल नंबर के साथ
8. स्कूल में दी जा रही परिवहन सुविधा उसका विस्तृत ब्योरा
9. स्कूल का इतिहास और उपलब्धियां यदि कुछ हैं तो
10. स्कूल द्वारा दी जा रही स्कॉलरशिप विस्तृत जानकारी के साथ
11. स्कूल के एल्यूमनाई पूरे मोबाइल नंबर और पते के साथ
12. स्कूल की वेबसाइट/ ई-मेल पते के साथ