हिमाचल: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- मार्च तक भरे जाएंगे डॉक्टरों के सभी खाली पद, विशेषज्ञों के 150 पद मंजूर
मंडी में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य मार्च तक डॉक्टरों के खाली पद भरना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार के सत्ता में आने के समय मेडिकल कॉलेजों में स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 35 प्रतिशत पद भरे थे। अब विशेषज्ञों के 150 पद स्वीकृत किए गए हैं और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती के लिए वॉक-इन इंटरव्यू शुरू किए गए हैं।
विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सरकार डॉक्टरों की कमी दूर करने और चिकित्सा संस्थानों में तकनीक को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि डॉक्टरों के खाली पदों को मार्च तक भर दिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सत्ता संभालने के बाद स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में रखा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में केवल आधारभूत ढांचा खड़ा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक के साथ डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की दक्षता बढ़ाना भी जरूरी है।
#WATCH | Mandi: Himachal Pradesh CM Sukhvinder Singh Sukhu says, "Since our government took office, we have focused on several priority sectors: health, education, the rural economy, tourism, and social security. Regarding health infrastructure, we need to upgrade technology… pic.twitter.com/DO2EBfWcg6
— ANI (@ANI) September 27, 2026विज्ञापन
मेडिकल कॉलेजों में 65 फीसदी पद थे खाली
मुख्यमंत्री के अनुसार, जब उनकी सरकार ने कार्यभार संभाला था, उस समय मेडिकल कॉलेजों में स्वीकृत पदों की तुलना में केवल 35 प्रतिशत पद ही भरे हुए थे। यानी 100 स्वीकृत पदों में से 35 पर ही कर्मचारी तैनात थे और 65 पद खाली थे। उन्होंने कहा कि सरकार इन रिक्तियों को भरने की दिशा में लगातार काम कर रही है और लक्ष्य है कि मार्च तक डॉक्टरों की कमी को काफी हद तक दूर किया जाए।
विशेषज्ञ डॉक्टरों के 150 पद मंजूर
सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए 150 विशेषज्ञ पद स्वीकृत किए गए हैं। इसके साथ ही सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए वॉक-इन इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू की गई है। सरकार का जोर इस बात पर भी है कि डॉक्टरों की उपलब्धता केवल बड़े शहरों और मेडिकल कॉलेजों तक सीमित न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टरों की भर्ती तत्काल प्रभाव से की जा रही है, ताकि प्रदेश के दूरदराज और परिधीय क्षेत्रों में भी चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य ढांचे में तकनीक को अपग्रेड करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के लिए नई तकनीक के साथ डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मचारियों का कौशल विकास भी जरूरी है। सरकार स्वास्थ्य संस्थानों में स्टाफ की कमी दूर करने के साथ-साथ चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर करने की दिशा में काम कर रही है।
एशियाई खेलों के पदक विजेताओं को मिलेगा सम्मान
मुख्यमंत्री ने एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो भी खिलाड़ी देश के लिए पदक जीतकर लौटता है, उसके लिए प्रदेश सरकार की मौजूदा खेल पुरस्कार नीति लागू होगी।
उन्होंने कहा कि स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए 5 करोड़ रुपये के पुरस्कार की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। इसके अलावा रजत और कांस्य पदक विजेताओं को भी सरकार की नीति के अनुसार सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले सभी खिलाड़ियों को सम्मान दिया जाएगा और उनके पदक के अनुसार पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी।
हिमाचल के खिलाड़ियों ने एशियाई खेलों में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। ऐसे में राज्य सरकार की ओर से खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने की नीति से प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।