{"_id":"6ab8d20b0e72cdb5650450b6","slug":"kinnaur-snowfall-rain-spiti-first-snowfall-nako-kaza-road-closed-2026-09-27","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल प्रदेश: किन्नौर में बर्फबारी-बारिश से बदला मौसम, स्पीति में सीजन का पहला हिमपात; नाको-काजा मार्ग बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल प्रदेश: किन्नौर में बर्फबारी-बारिश से बदला मौसम, स्पीति में सीजन का पहला हिमपात; नाको-काजा मार्ग बंद
Sun, 27 Sep 2026 01:54 PM IST
Ankesh Dogra
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Ankesh Dogra
Updated Sun, 27 Sep 2026 01:54 PM IST
सार
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में सितंबर के आखिरी सप्ताह में मौसम ने अचानक करवट ली है। किन्नौर के ऊंचाई वाले इलाकों में रविवार को भी बर्फबारी जारी रही, जबकि निचले क्षेत्रों में बारिश हो रही है। स्पीति वैली के काजा और चिचम में सीजन का पहला हिमपात हुआ है। लगातार बारिश और बर्फबारी से तापमान गिरने के साथ ठंड बढ़ गई है। वहीं, नाको से आगे मलिंग नाले के पास पहाड़ से लगातार पत्थर गिरने के कारण रिकांगपिओ-काजा मार्ग पर यातायात रोक दिया गया है।
विज्ञापन
किन्नौर में हुई बर्फबारी।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
सितंबर के अंतिम सप्ताह में हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली है। जनजातीय जिला किन्नौर में शनिवार से शुरू हुआ बारिश और बर्फबारी का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से पहाड़ सफेद होने लगे हैं, जबकि निचले इलाकों में लगातार बारिश से तापमान में गिरावट आई है। किन्नौर के छितकुल, नाको और मलिंग समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को भी हिमपात हुआ। मौसम में आए इस बदलाव से इन क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है।
विज्ञापन
स्पीति में सीजन की पहली बर्फबारी
लाहौल-स्पीति की स्पीति वैली में भी रविवार को मौसम का पहला बड़ा बदलाव देखने को मिला। यहां सीजन की पहली बर्फबारी ने पहाड़ों को सफेद करना शुरू कर दिया है। स्पीति के उपमंडल मुख्यालय काजा के साथ चिचम गांव में भी रविवार सुबह से बर्फबारी हो रही है। सितंबर के अंत में हुए इस हिमपात से घाटी में ठंड का असर बढ़ गया है।
विज्ञापन
किन्नौर के निचले क्षेत्रों में बारिश
किन्नौर के कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पिछले करीब 24 घंटे से बारिश जारी है। लगातार बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के कारण तापमान नीचे आया है। मौसम में बदलाव के साथ सुबह और शाम के समय ठंड का असर बढ़ गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम ने सर्दी की दस्तक का अहसास कराना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
रामपुर और ऊपरी शिमला में भी बारिश
किन्नौर और स्पीति के अलावा रामपुर बुशहर, ऊपरी शिमला और कुल्लू के आउटर सिराज में भी रविवार सुबह से बारिश हो रही है। इन इलाकों में बारिश के कारण मौसम ठंडा हो गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बदल रहे मौसम के बीच लोगों को आवाजाही के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।
नाको-काजा मार्ग बंद, मलिंग नाले के पास गिर रहे पत्थर
मौसम खराब होने के बीच किन्नौर में सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है। नाको से आगे मलिंग नाले के पास पहाड़ से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। पत्थरों के लगातार गिरने के कारण रिकांगपिओ से काजा जाने वाले मार्ग पर फिलहाल यातायात ठप है। मार्ग पर आवाजाही करना जोखिम भरा होने के कारण वाहनों को रोक दिया गया है। मलिंग नाले का यह हिस्सा पहले भी भूस्खलन और पत्थर गिरने के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। बारिश के बीच पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर आने की स्थिति में मार्ग खोलना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
यात्रियों के लिए बढ़ी परेशानी
रिकांगपिओ-काजा मार्ग किन्नौर और स्पीति के बीच महत्वपूर्ण सड़क संपर्क है। मार्ग बंद होने से इस रास्ते से आने-जाने वाले यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल वाहन चालकों के लिए जरूरी है कि वे मलिंग नाले की ओर जाने से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी लें और पत्थर गिरने वाले संवेदनशील हिस्सों में जोखिम न उठाएं। बारिश और बर्फबारी के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क की स्थिति तेजी से बदल सकती है। ऐसे में प्रशासन की ओर से मार्ग सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही यातायात बहाल होने की उम्मीद है।
किन्नौर और स्पीति के अलावा रामपुर बुशहर, ऊपरी शिमला और कुल्लू के आउटर सिराज में भी रविवार सुबह से बारिश हो रही है। इन इलाकों में बारिश के कारण मौसम ठंडा हो गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बदल रहे मौसम के बीच लोगों को आवाजाही के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।
नाको-काजा मार्ग बंद, मलिंग नाले के पास गिर रहे पत्थर
मौसम खराब होने के बीच किन्नौर में सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है। नाको से आगे मलिंग नाले के पास पहाड़ से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। पत्थरों के लगातार गिरने के कारण रिकांगपिओ से काजा जाने वाले मार्ग पर फिलहाल यातायात ठप है। मार्ग पर आवाजाही करना जोखिम भरा होने के कारण वाहनों को रोक दिया गया है। मलिंग नाले का यह हिस्सा पहले भी भूस्खलन और पत्थर गिरने के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। बारिश के बीच पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर आने की स्थिति में मार्ग खोलना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
यात्रियों के लिए बढ़ी परेशानी
रिकांगपिओ-काजा मार्ग किन्नौर और स्पीति के बीच महत्वपूर्ण सड़क संपर्क है। मार्ग बंद होने से इस रास्ते से आने-जाने वाले यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल वाहन चालकों के लिए जरूरी है कि वे मलिंग नाले की ओर जाने से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी लें और पत्थर गिरने वाले संवेदनशील हिस्सों में जोखिम न उठाएं। बारिश और बर्फबारी के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क की स्थिति तेजी से बदल सकती है। ऐसे में प्रशासन की ओर से मार्ग सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही यातायात बहाल होने की उम्मीद है।