मंडी से लिया सबक, प्रत्याशी का जिक्र किए बिना भरी चुनावी हुंकार
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शिमला संसदीय क्षेत्र में पन्ना प्रमुख सम्मेलन से केंद्र में दोबारा मोदी सरकार बनाने की हुंकार भरी गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कार्यकर्ताओं में जोश भरा। इस दौरान मंडी के सम्मेलन से सबक लेते हुए किसी भी नेता ने शिमला संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी का जिक्र किए बिना कार्यकर्ताओं को जीत के मंत्र दिए।
रविवार को पुलिस मैदान में आयोजित सम्मेलन में करीब 25 हजार पन्ना प्रमुखों की भीड़ जुटी। भाजपा ने 33 हजार पन्ना प्रमुखों समेत 40 हजार कार्यकर्ताओं को पहुंचाने का दावा किया था। पन्ना प्रमुख सुबह आठ बजे से ही पहुंचना शुरू हो गए थे। दोपहर करीब 12 बजे तक कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचते रहे।
नेताओं ने मंच से करीब चार घंटे तक आगामी लोकसभा चुनाव में जीत और केंद्र में दोबारा से नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने की हुंकार भरी। उधर, मंच पर मौजूद पदाधिकारियों को गीता भेंट की गई।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा कि मंच में कहीं पर निगाहें और कहीं पर निशाना वाली बात सार्थक हो रही है। गीता तो उन्हें भेंट की जा रही है पर इशारा पन्ना प्रमुखों को दिया जा रहा है कि वे गीता के आदर्श पर चलें और पार्टी को प्रदेश में कामयाबी दिलाएं।
बिंदल ने दूर बैठकर देखा सम्मेलन
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल सम्मेलन को दूर से देखते नजर आए। पुलिस मैदान के ऊपरी हिस्से में बैठकर बिंदल ने पन्ना प्रमुख सम्मेलन देखा और आला नेताओं का भाषण सुना। लेकिन जैसे ही मीडिया के कैमरे उनकी तरफ मुड़े वे अपनी जगह से उठकर दूर चले गए। सोलन पहुंचे बिंदल ने कहा कि वे सम्मेलन का हिस्सा नहीं हैं और यहां सिर्फ मित्रों से मिलने आए हैं।
नड्डा-जयराम ने लगाए ठहाके, गंभीर दिखे धूमल
सम्मेलन के लिए भव्य मंच तैयार किया गया था। इस मंच पर मुख्य वक्ता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के बीच में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर बैठे थे। सम्मेलन के दौरान नड्डा और जयराम ठाकुर आपस में हंसकर बातचीत करते रहे।
बगल में बैठे पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल गंभीर दिखे। भले ही पन्ना प्रमुख सम्मेलन के जरिये भाजपा ने नेताओं को साधने की कोशिश की हो लेकिन मंच पर मनभेद बार-बार सामने आते रहे और राजनीतिक धुरंधर इन्हें छिपाने में कामयाब नहीं हो पाए।