हिमाचल विधानसभा सत्र: सीएम सुक्खू बोले- मल्टी टास्क वर्करों के लिए बन रही नीति, न्यूनतम वेतन देंगे
सीएम सुक्खू ने कहा कि मल्टी टास्क वर्करों के लिए सरकार एक व्यापक नीति बना रही है। इसके तहत इन्हें न्यूनतम वेतन देने का प्रावधान किया जाएगा। अभी कई विभागों में इन वर्करों के लिए अपनी-अपनी नीति है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि मल्टी टास्क वर्करों के लिए सरकार एक व्यापक नीति बना रही है। इसके तहत इन्हें न्यूनतम वेतन देने का प्रावधान किया जाएगा। अभी कई विभागों में इन वर्करों के लिए अपनी-अपनी नीति है। कई जगह छह घंटे तो कई जगह चार घंटे काम लिया जा रहा है। विधायक आरएस बाली ने प्रश्नकाल के दौरान मामला उठाते हुए कहा कि मल्टी टास्क वर्करों को दिया जा रहा वेतन बहुत कम है।
तकनीकी शिक्षण संस्थानों की हालत भी स्कूलों जैसी
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश में तकनीकी शिक्षण संस्थानों की हालत भी स्कूलों जैसी हो गई है। पूर्व सरकार ने राजनीतिक आधार पर कई तकनीकी शिक्षण संस्थान खोल दिए। स्टाफ और आधारभूत ढांचे का ध्यान नहीं रखा गया। इस कारण ही इस साल तकनीकी संस्थानों में 234 सीटें खाली रह गई हैं। अब परिवहन सेवाएं बेहतर हो गई हैं। ऐसे में नए संस्थान खोलने की जगह अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर से ध्यान देने की जरूरत है। विधायक लोकेंद्र कुमार के सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि दलाश में कॉलेज खोलने के लिए भूमि हस्तांतरण की फाइल एफसीए की प्रक्रिया में है।
नियम 130 के तहत चल रही चर्चा में कोरम पूरा नहीं होने पर सत्ता पक्ष-विपक्ष आमने-सामने
प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को नियम-130 के तहत युवाओं के रोजगार से संबंधित चल रही चर्चा के दौरान कोरम पूरा न होने के मामले में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। सदन में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सदन में कोरम पूरा न होने का मामला उठाया। जयराम ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल के आखिरी साल से पहले ही आराम करने के मूड में आ गई है। इस पर संसदीय कार्यमंत्री हर्षवर्धन चौहान ने पलटवार करते हुए कहा कि प्रस्ताव लाने वाले भाजपा विधायक ही सदन में मौजूद नहीं, नेता प्रतिपक्ष भी अभी आए। जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार को सदन की कार्यवाही और जनता के मुद्दों को गंभीरता से लेना चाहिए।
सदन में महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा चल रही है, लेकिन सत्ता पक्ष में कोरम पूरा नहीं है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी सदन में नहीं हैं। मात्र दो मंत्री मौजूद है। ऑफिसर गैलरी में अधिकारी नहीं हैं। ऐसे में इस महत्वपूर्ण चर्चा का क्या औचित्य है। 40 में से 12 सदस्य बैठे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लगता है कि सरकार ने विधानसभा का मंच ही छोड़ दिया है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री हर्ष वर्धन चौहान ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष स्वयं अभी सदन में आए हैं। आते ही कोरम का मामला उठा दिया। भाजपा के 28 में से 8 सदस्य ही सदन के भीतर हैं। चौहान ने कहा कि जिस प्रस्ताव को भाजपा विधायक ने नियम-130 के तहत चर्चा के लिए लाया है, उस प्रस्ताव के समय भाजपा के ही संबंधित विधायक सदन में मौजूद नहीं हैं। सदन में चर्चा के दौरान सभी सदस्यों की मौजूदगी जरूरी है, लेकिन विपक्ष को पहले अपने विधायकों की उपस्थिति सुनिश्चित करनी चाहिए। सरकार नियम 130 के तहत चल रही चर्चा को लेकर सीरियस है। इतने में भाजपा विधायकों ने कहा कि विधायक रणधीर और अन्य प्रस्ताव लाए हैं। रणधीर शर्मा सदन के भीतर ही हैं।