हॉट सीट नगरोटा बगवां: एथु सबते बड्डी नौकरी कंडक्टरे दी, लगी गेई तां ठीक नी तां बद्दी..
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला की टीम ने मंडी पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के बाजार, इंडस्ट्रियल एरिया, बड़ी पंचायतों धलूं और पटियालकर समेत कुछ अन्य हिस्सों में चुनावी चर्चा की। भाजपा और कांग्रेस ने यहां प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है।
जनता बस तमाशा देख रही है। कोई बोलने को तैयार नहीं है कि किस दल का पलड़ा भारी है। विकास के नाम पर यहां इंडस्ट्री, मेेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, आईटीआई, राजकीय कॉलेज सहित तमाम सुविधाएं दिखती हैं, लेकिन पिछड़ापन फिर भी जस का तस है। राष्ट्रीय राजमार्ग से सटा हिस्सा विकसित दिखता है, लेकिन उससे दूर जाते ही चंगर के हिस्से आज भी मूलभूत विकास को तरस रहे हैं।
क्या बोलते हैं वोटर
दोपहर चढ़ने लगी, लेकिन बाजार में कोई खास चहल-पहल नहीं है। अधिकांश दुकानें खुली हैं। सड़क के दोनों ओर दुकानों पर कांग्रेस और भाजपा के झंडे लहरा रहे हैं। जहां खाली जगह है, वहां होर्डिंग फंसा हुआ है। प्रचार की जंग यहां दोतरफा लड़ाई की कहानी कह रही है।
बस अड्डे के पास खासी भीड़ है। पास ही एक चाय की दुकान पर चुनावी प्रचार को निकलने के लिए गाड़ियां तैयार खड़ी हैं। टाटा सूमो में एक कांग्रेस का वर्कर धड़धड़ा झंडे-बैनर भर रहा है।
तभी वहां से भाजपा के प्रचार को निकली गाड़ियाें का कारवां गुजरता है और विरोधी टीम का एक आदमी बोलता है- ये कूके दे बंदे कुथू गए। साथ वाला बोला - तू झट कर, नी तां लेट होई जाणा। जल्दबाजी में 10-12 लड़कों का ग्रुप वहां से निकल जाता है।
तभी वहां खड़े चाय वाले ने हमें बिना पूछे बताने लगा - साहब इस बरी मुकाबला कड़ा है। दोनों पार्टियां ठीकठाक हन । बाली सोगी होंदा था कूका। हम कांगड़ा की हॉट सीट में से एक नगरोटा बगवां में हैं। यहां कांग्रेस के कैबिनेट मंत्री जीएस बाली का मुकाबला
एक जमाने में उनकी करीबी रहे अरुण कुमार कूका से है। कूका के भगवा ब्रिगेड का हिस्सा बनने से नगरोटा सीट कांग्रेस की प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। कूका हर उस दांव पेच से वाकिफ हैं, जिसके बाली माहिर हैं।
निर्दलीय रहकर पिछले चुनाव में बाली से मामूली मार्जिन से हारकर कूका अपनी मौजूदगी का अहसास करवा चुके हैं। उधर, बाली ने 1998 विधानसभा चुनाव के बाद हर विपरीत स्थिति में इस सीट पर कब्जा कायम रखा है।
ओबीसी बहुल सीट पर उनके समीकरण हर बार इस समुदाय के प्रत्याशियों को धूल चटाते रहे हैं। कूका भी इसी समुदाय से आते हैं। बाजार में पार्टियों के झंडे-बैनर पोस्टर और होर्डिंग सब एक-दूसरे को टक्कर देते दिख रहे हैं।
विधानसभा का दूसरा हिस्सा ग्रामीण परिवेश का
इस विधानसभा का दूसरा हिस्सा प्लम यानी मैदानी उपजाऊ भूमि वाले ग्रामीण परिवेश का है। यहां आलू की पैदावार के साथ सब्जियों की खेती आम है। कृषि आधारित इस क्षेत्र में सरकारी नौकरी करने वालों की तादाद भी खासी है।
यहां बाली की पकड़ बताई जा रही है, लेकिन कूका ने अभी सत्ता का स्वाद नहीं चखा है तो उन पर कर्मचारी वर्ग की उंगली भी नहीं उठ रही। इस हिस्से में धलूं और पटियालकर दो बड़ी पंचायतें हैं, जहां भाजपा प्रत्याशी की उपस्थिति दिखती है। यहां बाली कमजोर हैं, ऐसा भी नहीं है।
विधानसभा क्षेत्र का तीसरा हिस्सा चंगर यानी असिंचित और एक तरह से बीहड़ वाला है। यहां कांग्रेस का सर्वाधिक फोकस है। रोजगार यहां सबसे बड़ा मुद्दा है। यहां से काम की तलाश में युवा बड़ी संख्या में बद्दी जाते हैं। दोनों ओर से यहां कई दौर का डोर टू डोर कैंपेन पूरा हो चुका है।
सब ते बड़ी नौकरी कंडक्टर
बाजार से जैसे ही हम 61 मील की ओर बढ़े, सड़क किनारे स्थानीय उत्पादकों ने सब्जियों की दुकानें सजा रखी थीं। वहां एक सब्जी वाले से पहले तो सब्जी का रेट पूछा। सियासत की बात छिड़ी तो उसका दर्द सामने आया।
उसने चर्चा में बताया कि यहां चौधरी समुदाय का राजनेताओं ने इस्तेमाल किया है। 70 प्रतिशत यहां उनका समुदाय है, लेकिन नौकरी के नाम पर कुछ नहीं।बाली ने परिवहन मंत्री रहते इलाके के बहुत लोगों को कंडक्टर लगाया।
जहां नौकरी लगी वे सब खुश हैं जहां नहीं लगी उनका दर्द अलग है। बाजार में एक युवक ने बताया भी - एथु सब ते बड़ी नौकरी कंडक्टर है। कंडक्टर लग गए तो ठीक नहीं तो बद्दी में फैक्टरी में काम करते हैं। कालेज भी अब जाकर खुला है।
इस बरी औणा मजा
बाली और कूका की टक्कर को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। धलूं से पहले चाय की छोटी सी दुकान पर सियासी चर्चा चल रही थी। एक शख्स बोला - इस बरी बड़ा मजा औणा है। दोनों बाली और कूका एक दूसरे की टक्कर के हैं। कूका ने नगर परिषद चुनाव में मंत्री को मात दी। पूछने पर उसने बताया कि पिछली बार बाली से विधानसभा चुनाव हारने के बाद कूका वार्ड पार्षद के लिए खड़ा हुआ। सबको पता है कि कांग्रेस ने हरवाने में कितना जोर लगाया, लेकिन जीत गया।
मोदी को देखा, अब राहुल का इंतजार
पीएम मोदी की रैली में शामिल हुए लोग अब कांग्रेस के स्टार प्रचारक राहुल गांधी की रैली के इंतजार में हैं। कांग्रेस के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस चुनावी क्षेत्र में अभी तक कदम नहीं रखा है। बाली के वीरभद्र विरोधी खेमे से होने की बात यहां हर कोई करता है।
बाली का अपना बड़ा कद वीरभद्र के नहीं आने का अहसास नहीं करवाता। ऐसे में कांग्रेस के लिए सुकून देने वाली बात ये है कि कांग्रेस राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी 6 नवंबर को इस सीट पर आएंगे। जिसे लेकर लोग उत्साहित हैं।
इस बार समीकरण
कुल वोटर : 81182
महिला मतदाता : 40215
पुरुष मतदाता : 40967
जीते प्रत्याशी : जीएस बाली, मार्जिन : 2743