फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Attendance to be marked three times a day in govt CBSE schools; CM Sukhu issues directives during meeting.

हिमाचल: सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की तीन टाइम लगेगी हाजिरी, ड्रेस कोड होगा लागू, बैठक में फैसला

Tue, 01 Sep 2026 06:14 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 01 Sep 2026 06:14 PM IST
विज्ञापन
Attendance to be marked three times a day in govt CBSE schools; CM Sukhu issues directives during meeting.
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश के सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की तीन टाइम हाजिरी लगेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए हैं। निर्देशों के अनुसार सीबीएसई स्कूलों में सुबह, दोपहर व शाम के समय हाजिरी लगेगी। इसके साथ ही सीबीएसई स्कूलों के लिए ड्रेस कोड लागू होगा।  शिक्षकों को पहली अक्तूबर 2026 से तय ड्रेस में स्कूल आना होगा। मुख्यमंत्री सुक्खू ने बैठक में निर्देश दिए।
विज्ञापन

 

छात्रों को यूनिफॉर्म सब्सिडी नहीं मिली, विभाग ने अधिकारियों पर कसा शिकंजा
वहीं प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे 3,110 छात्र स्मार्ट यूनिफॉर्म सब्सिडी के इंतजार में हैं। यूनिफॉर्म सब्सिडी के डीबीटी से जुड़े आंकड़ों की समीक्षा में यह मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने अब अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दी है। विभाग ने सभी उप निदेशकों को निर्देश दिए हैं कि वे प्रत्येक छात्र के स्तर पर सब्सिडी की स्थिति की जांच करें और एक सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट भेजें। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में तीन अगस्त को हुई समीक्षा बैठक के बाद शिक्षा निदेशालय ने मंगलवार को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने साफ किया है कि योजना के लिए पात्र एक भी विद्यार्थी लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए जिला स्तर पर लंबित मामलों की पड़ताल कर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

स्मार्ट यूनिफॉर्म सब्सिडी के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) की समीक्षा के दौरान सामने आया कि 3,110 विद्यार्थियों को अभी तक सब्सिडी का भुगतान नहीं हुआ है। इससे योजना के क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक राशि पहुंचने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हुए हैं। अब विभाग ने जिला अधिकारियों को छात्रवार स्थिति खंगालने और लंबित भुगतान के कारणों का पता लगाने को कहा है। उप निदेशकों को अपने-अपने जिलों में प्रत्येक प्रभावित छात्र की स्थिति की समीक्षा करनी होगी। यह देखा जाएगा कि विद्यार्थी योजना के लिए पात्र है या नहीं, डीबीटी में भुगतान क्यों अटका है और यदि कोई तकनीकी अथवा दस्तावेजी कमी है तो उसे कैसे दूर किया जाए।

विज्ञापन

विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने केवल लंबित सब्सिडी का ब्योरा ही नहीं मांगा है, बल्कि उपयोगिता प्रमाण पत्र और अप्रयुक्त राशि का पूरा विवरण भी तलब किया है। यदि किसी संस्था के पास योजना की राशि खर्च किए बिना पड़ी है तो उस पर अर्जित ब्याज की जानकारी भी देनी होगी। इससे योजना के लिए जारी राशि के इस्तेमाल की स्थिति भी स्पष्ट होगी। शिक्षा निदेशालय ने अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अब जिलों से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर यह सामने आएगा कि 3,110 छात्रों को सब्सिडी क्यों नहीं मिली और कितने मामलों में भुगतान की प्रक्रिया पूरी की गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed