हिमाचल विस चुनाव: बंट गए भाजपा के टिकट, पढ़िए कौन कहां से लड़ेगा चुनाव
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हिमाचल विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के एलान से पहले ही भाजपा के टिकट बंट गए हैं। सोमवार को पार्टी हाईकमान ने दो दर्जन उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न वाले पत्र सौंप दिए हैं। एक दर्जन और उम्मीदवारों को पत्र सौंपे जा रहे हैं।
केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक के बाद भाजपा सूची जारी करने के बजाय व्यक्तिगत तौर पर उम्मीदवारों को पत्र सौंप रही है।
पार्टी ने यह रणनीति टिकट वितरण से असंतोष फैलने की आशंका को कम करने के लिए बनाई है। पार्टी की रणनीति विरोध करने वालों को कम से कम समय देने की है। मंगलवार को पार्टी की पूरी सूची जारी हो सकती है।
करीब 54 सीटों के उम्मीदवार तय
पार्टी सूत्रों के मुताबिक सीईसी की बैठक के बाद पार्टी नेतृत्व ने रविवार और सोमवार को राज्य के सभी वरिष्ठ नेताओं से विचार विमर्श कर करीब 54 सीटों के उम्मीदवार तय कर लिए।
जिन टिकटों के जारी होने के बाद बवाल नहीं मचेगा उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर पत्र भेजने का सिलसिला शुरू किया गया। उधर, पत्र मिलने के बाद कई उम्मीदवारों ने समर्थकों के साथ जश्न मनाने के बाद चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है।
सोशल मीडिया पर टिकट मिलने की खुशी जताई जा रही है। ढोल नगाड़ों के साथ मंदिरों में माथे टेके जा रहे हैं।
इनके नामों पर बन गई सहमति
पार्टी सूत्रों के मुताबिक धर्मशाला से उमेश दत्त, फतेहपुर से कृपाल परमार, पालमपुर से इंदु गोस्वामी, इंदौरा से रीता धीमान, जोगिंदरनगर से धूमल के समधी गुलाब सिंह, देहरा से रविंद्र रवि, शाहपुर से सरवीण चौधरी, ज्वालामुखी से रमेश धवाला,
जवाली से अर्जुन ठाकुर, नूरपुर से राकेश पठानिया, हमीरपुर से नरेंद्र ठाकुर, कांगड़ा से उत्तम चौधरी और हरोली से प्रो. रामकुमार, दून से परमजीत पम्मी, जसवां परागपुर से विक्रम सिंह, कुल्लू से महेश्वर सिंह, चिंतपूर्णी से बलबीर सिंह सहित कई अन्य सीटों के उम्मीदवारों पर सहमति बन गई है।
एक न चलने से शांता नाराज
कई सीटों पर वरिष्ठ नेताओं से विमर्श के बाद सोमवार को पार्टी के संगठन महासचिव रामलाल गुजरात रवाना हुए हैं। गुजरात गौरव कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी, पार्टी अध्यक्ष शाह और रामलाल के बीच चर्चा हुई।
चूंकि, पीएम मोदी कम से कम 10 महिलाओं को टिकट देना चाहते हैं इसलिए रामलाल ने उन सीटों को चिह्नित करने के साथ ही उम्मीदवारों की सूची तैयार कर ली है।
टिकट वितरण में पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार की एक न चली, जिससे वह नाराज हैं। उनकी ओर से दिए गए ज्यादातर नामों को नेतृत्व ने नकार दिया है। शांता धर्मशाला में किशन कपूर को टिकट दिलाना चाहते थे, जबकि फतेहपुर में कृपाल परमार को
उम्मीदवार बनाने का विरोध किया था। इसके अलावा पालमपुर में भी शांता प्रवीण शर्मा को टिकट नहीं दिला पाए, नूरपुर में राकेश पठानिया को शांता के विरोध के बावजूद टिकट देने पर सहमति बनी। इस कारण शांता नाराज हो गए हैं।