हिमाचल विस चुनावः शिमला की सत्ता की चाबी है ये सियासी दुर्ग
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हिमाचल में सरकार चाहे भाजपा बनाए या कांग्रेस लेकिन सत्ता की चाबी इस जिला के पास ही रहेगी। शिमला की सता का रास्ता इसी सियासी दुर्ग से निकलेगा।
जीं हां हिमाचल में सरकार चाहे भाजपा बनाए या कांग्रेस, लेकिन सत्ता की चाबी सूबे के सबसे सियासी दुर्ग कांगड़ा के पास ही रहेगी। 15 विधानसभा क्षेत्रों वाला कांगड़ा जिला हर चुनाव में बादशाह रहा है।
पिछले चुनाव में भी कांगड़ा ने ही धूमल के हाथ से जीती हुई बाजी छीन ली थी। भाजपा सरकार में रहे कांगड़ा के चार में से दो मंत्री किशन कपूर और रमेश धवाला चुनाव हार गए थे।
कांगड़ा से भाजपा को सिर्फ तीन सीटें, जबकि कांगड़ा को 10 सीटें मिली थीं। सूबे में जब भी सरकार बनती है तो सत्ताधारी दल को कांगड़ा से 10 या इससे अधिक सीटें मिलती हैं। इसलिए इस बार भी सत्ता का दारोमदार कांगड़ा जिले पर ही होगा।
इनकी होगी अग्निपरीक्षा
कांगड़ा जिले से इस बार कांग्रेस के तीन मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर है। बैजनाथ से आकर धर्मशाला से जीते वीरभद्र सिंह के दूत सुधीर शर्मा और नगरोटा बगवां से जीएस बाली दोनों मंत्रियों के विकास की अग्निपरीक्षा होगी।
जबकि, ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया जनता की पारखी नजर में कैसे उतरेंगे, यह देखना दिलचस्प होगा। धर्मशाला, नगरोटा बगवां, पालमपुर और फतेहपुर इस बार चारों हॉट सीटों पर राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें गढ़ी हैं।
कोई हैट्रिक, कोई चौका तो कोई छक्का लगाने को तैयार
बैजनाथ से आकर धर्मशाला से पिछली बार सुधीर शर्मा ने जीत की हैट्रिक लगाई थी। इस बार वह चौका लगाने की फिराक में हैं। नगरोटा बगवां से लगातार पांचवीं बार जीतने की चाह रखने वाले जीएस बाली की भी इस बार धुकधुकी बढ़ी हुई है।
थुरल से देहरा आकर पिछली बार लगातार 5वीं बार जीतने वाले रविंद्र रवि छक्का लगाने की कोशिश में होंगे। शाहपुर से सरवीण चौधरी इस बार जीत की हैट्रिक लगाने की कोशिश करेंगी।
तीन सीटों पर मोदी मैजिक दांव पर
चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सूबे में सबसे ज्यादा तीन रैलियां कांगड़ा जिले के फतेहपुर, पालमपुर और शाहपुर में कीं। फतेहपुर और पालमपुर में भाजपा ने कृपाल परमार और इंदु गोस्वामी के रूप में नए चेहरे उतारे। अब फतेहपुर, पालमपुर और शाहपुर सीटों पर चुनाव परिणाम से मोदी मैजिक भी दांव पर लगा हुआ है