विस चुनाव: मौसम चाहे कैसा भी हो, मतदान करने में हिमाचली आगे
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लाहौल-किन्नौर की हाड़ कंपकंपाने वाली ठंड हो या ऊना-बिलासपुर की पसीने से तर-बतर कर देने वाली गर्मी, हिमाचल के मतदाता हर मौसम में बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए पोलिंग बूथों तक जाते हैं। 1977 के बाद मतदाताओं में सरकारें चुनने के लिए जागरूकता काफी बढ़ गई है।
बीते पांच विधानसभा चुनावों के आंकड़े मतदान को लेकर हिमाचलियों के जोश और जज्बे के गवाह हैं। विषम भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम की प्रतिकूलता को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने कई बार दो चरणों में प्रदेश में चुनाव करवाए हैं। चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति के दुर्गम और जल्द बर्फबारी वाले इलाकों में आमतौर पर मध्य नवंबर से पहले और मध्य मार्च के बाद ही चुनाव करवाए जाते रहे हैं।
मई से सितंबर तक प्रदेश में अभी तक एक ही चरण में चुनाव होते आए हैं। साल 2012 में निर्वाचन आयोग ने नवंबर में एक ही चरण में चुनाव करवाए। इस बार भी नौ नवंबर को प्रदेश में विधानसभा चुनाव एक ही चरण में होगा। वोटिंग का पुराना रुझान बताता है कि मौसम का चुनावी जोश पर ज्यादा असर नहीं पड़ता है। हिमाचल प्रदेश में बीते पांच चुनावों में 71 से 73 फीसदी तक मतदान हुआ है।
वोटिंग में हिमाचल उत्तराखंड, दिल्ली से आगे
लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व के प्रति उत्साह के मामले में हिमाचल प्रदेश पड़ोसी पहाड़ी राज्य उत्तराखंड से भी कहीं आगे है। उत्तराखंड में फरवरी 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में 70 फीसदी, 2012 में 67 फीसदी, 2007 में 59.45 और 2002 के विधानसभा चुनाव में 54.34 फीसदी मतदान हुआ है।
देश की राजधानी दिल्ली भी मतदान करने के मामले में हिमाचल से काफी पीछे है। दिल्ली में फरवरी 2015 में हुए चुनाव में 67 फीसदी, 2013 में 65.63, 2008 में 57.58, 2003 में 53.42 और 1998 में 48.99 फीसदी मतदान हुआ था।
इस बार 75 फीसदी पार हो सकता है मतदान
हिमाचल में पिछले चुनावों में 73 फीसदी से ज्यादा मतदान आने वाले चुनाव के लिए अच्छा संकेत है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि इस बार हिमाचल डिस्टिंगक्शन (75 फीसदी से ज्यादा) ले आए। इस बार मतदान नौ नवंबर को है। इस महीने न तो ज्यादा ठंड होती है और न ही गर्मी। बारिश भी खलल डालने वाली नहीं होती। ऐसे में बुजुर्गों और महिलाओं को मतदान करने में कोई परेशानी नहीं आएगी।
नौ नवंबर तक मौसम में बड़े बदलाव के आसार नहीं
शिमला। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार हिमाचल में नौ नवंबर तक मौसम में बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं। मतदान के दिन भारी बारिश और बर्फबारी के आसार कम हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक मनमोहन सिंह का कहना है कि 15 नवंबर तक मौसम शुष्क रहता है। इसके बाद मौसम में बदलाव आना शुरू होता है। अमूमन दिसंबर महीने के पहले सप्ताह में प्रदेश की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का दौर शुरू होता है।
साल महीना मतदान (प्रतिशत में)
2012 नवंबर 73.51
2007 नवंबर/दिसंबर 71.61
2003 फरवरी, जून 74.51
1998 फरवरी, जून 71.23
1993 सितंबर 71.50
1990 फरवरी 67.76
1985 मई 70.36
1982 मई 71.06
1977 अक्तूबर 58.57
कुल मतदाता
साल महिलाएं पुरुष
1977 969744 1027661
1982 1109961 1101563
1985 1183713 1173219
1990 1511087 1547307
1993 1624429 1643296
1998 1801571 1827293
2003 2019973 2081120
2007 2267604 2336839
2012 2231772 2376587
पोलिंग बूथ पर मतदान
साल महिलाएं पुरुष
1977 531045 638849
1982 764263 807311
1985 814803 843623
1990 996803 1075078
1993 1156886 1186657
1998 1301315 1283473
2003 1533570 1522140
2007 1679414 1617383
2012 1704112 1683278