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कांग्रेस अभी तय नहीं कर पाई सारे उम्मीदवार, केंद्रीय समिति की बैठक आज
अनूप वाजपेयी/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 18 Oct 2017 02:24 PM IST
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हिमाचल विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस भी सभी 68 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय नहीं कर पाई है। इस वजह से सोनिया गांधी के आवास पर शाम को होने वाली केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक बुधवार सुबह के लिए टालनी पड़ी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रभारी सुशील कुमार शिंदे और सह प्रभारी रंजीत रंजन बैठकों के कई दौर में भी टिकटों की संभावित सूची को अंतिम रूप नहीं दे पाए।
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सोमवार को आम सहमति से कई सीटों पर एक-एक उम्मीदवार तय हो गए थे। बाकी सीटों पर नाम तय होने के बाद ही छंटनी समिति और केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में अंतिम फैसला किया जाना था। छंटनी समिति की दो बैठकें मंगलवार को हुईं। देर रात तक इस समिति की दूसरे दौर की बैठक चलती रही।
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हिमाचल कांग्रेस के नेता भले ही एकता की माला जप रहे हों, लेकिन हर कोई एक दूसरे के समर्थकों की राह में रोड़ा अटका रहा है। मुख्यमंत्री बेटे विक्रमादित्य को अपनी पुरानी सीट शिमला ग्रामीण से तो लड़ाना चाहते हैं लेकिन खुद ठियोग और अर्की में से किसी एक पर अंतिम फैसला नहीं कर पाए हैं। सीएम और बेटे की उम्मीदवारी के खिलाफ विरोधी गुट उत्तराखंड की तरह एक परिवार एक टिकट के फार्मूले की याद दिला रहे हैं।
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सूत्रों की मानें तो बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सुक्खू चाहते हैं कि अधिक से अधिक टिकट नए लोगों को दिए जाएं ताकि पार्टी को उसका लाभ मिले। प्रदेश अध्यक्ष भी चुनाव में कूदने को तैयार हैं। उन्होंने भी नादौन या शिमला से लड़ने की इच्छा जताई है।
पार्टी के कुछ अन्य नेता चाहते हैं कि अगर सीएम के बेटे को टिकट दिया जाता है तो उनके बेटों पर भी विचार किया जाए। केंद्रीय चुनाव समिति ने हिमाचल के नेताओं को स्पष्ट कर दिया है कि उम्मीदवारों के नाम तय करके ही अंतिम मुहर के लिए लाएं। जहां विवाद है या पैनल में एक से अधिक नाम हैं, बैठक में उन पर ही चर्चा हो।