धर्मशाला गैंगरेप केस पर आया कोर्ट का बड़ा फैसला
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हाईकोर्ट ने कथित धर्मशाला गैंगरेप मामले की याचिका खारिज कर दी है। मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने याचिका को बिना नोटिस के खारिज कर दी।
कोर्ट ने कहा कि दोनों याचिकाकर्ता अनुराग शर्मा और राकेश कुमार एक ओर तो खुद को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का नेता कहते हैं। स्वयं को जनहितैशी भी कहते हैं। कोर्ट के अनुसार वास्तव में दोनों अपने विरोधी राजनीतिक नेताओं के खिलाफ किसी कार्यवाही की अपेक्षा रखते हैं।
जो किसी भी लिहाज से जनहितैशी कार्य नहीं है। कोर्ट ने पाया कि यह मामला कोर्ट की नजर में आ गया है। यदि मामला बनता है तो आपराधिक संहिता के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। कोर्ट ने याचिका का अवलोकन करने पर पाया कि याचिका में कोई ऐसा आधार नहीं है, जो यह तय करे कि यह वास्तव में जनहितैशी याचिका है।
चर्चा में रहा था गैंगरेप केस
मई माह में धर्मशाला कॉलेज की एक छात्रा से कथित गैंगरेप की घटना सामने आई थी। यह घटना सोशल मीडिया में सुर्खियों में रही। सोशल मीडिया पर खबर फैलने के बाद स्थानीय लोगों और कॉलेज छात्रों ने मामले की निष्पक्ष जांच को प्रदर्शन भी किया। विपक्ष ने भी मामले की जांच मांगी। विपक्ष का कहना था कि मामला स्थानीय विधायक के रिश्तेदार से जुड़ा होने के कारण मामले में पुलिस कार्यवाही नहीं कर रही है।
प्रार्थियों की इस याचिका में मांग थी कि भविष्य के लिए इस तरह से जुड़े मामलों को बेवजह प्रचारित करने वालों पर कार्यवाही को दिशा-निर्देश बनाने के आदेश दिए जाएं। प्रार्थियों ने इस कथित गैंगरेप केस में राजनीतिक रोटियां सेंकने वालों के खिलाफ कार्यवाही की मांग भी की थी। कोर्ट ने इन प्रार्थियों को जनहितैशी न मानते हुए याचिका खारिज कर दी।