{"_id":"67c31c4247d114eeb60d10e4","slug":"health-news-shimlahealth-news-shimla-shimla-news-c-19-sml1001-494649-2025-03-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shimla News: स्वास्थ्य महकमा अलर्ट, 150 टीबी रोगियों की पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shimla News: स्वास्थ्य महकमा अलर्ट, 150 टीबी रोगियों की पहचान
विज्ञापन
खास खबर...
जिला स्वास्थ्य विभाग ने हाई रिस्क वाले मरीजों की थी स्क्रीनिंग
अब छह महीने की दवाइयों के कोर्स शुरू करने के साथ मरीजों की कर रहे निगरानी
औसतन हर साल जिले में 1700 के करीब रोगियों की लक्षणों की जांच के बाद होती है पहचान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला शिमला में 150 टीबी रोगियों की पहचान हुई है। इन रोगियों के सामने आने के बाद अब जिला स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया हैं। वहीं विभाग के डॉक्टरों ने मरीजों को छह महीने की दवाइयों का कोर्स शुरू करके उनके स्वास्थ्य की निगरानी शुरू कर दी हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विनीत लखनपाल ने यह जानकारी दी है।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने टीबी रोग की पहचान के लिए स्क्रीनिंग अभियान चलाया है। घर-घर तक चलाए इस अभियान में हाई रिस्क वाले बुजुर्ग, मधुमेह, धुम्रपान और वृद्धाश्रम में रहने वाले चिह्नित करीब 96 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। वहीं 12 हजार लोगों के एक्सरे हुए हैं। ऐसे में जांच के बाद अब 150 नए टीबी रोगी मिले हैं। रोगियों के सामने आने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने परिवार के लोगों के सैंपल भी लिए हैं। बता दें कि जिले में हर साल 1700 के करीब टीबी के रोगी सामने आते हैं। हालांकि पहचान किए गए रोगियों का इलाज तो शुरू हो जाता था, लेकिन जो मरीज रह जाते थे, उनसे बीमारी फैलने का खतरा रहता था।
इनसेट
ये हैं लक्षण
लंबे समय तक खांसी, बुखार, रात को पसीना आना और वजन घटना जैसी समस्याएं टीबी के लक्षण हैं। ऐसे लक्षणों को मरीजों को हल्के में नहीं लेना चाहिए और तुरंत उपचार शुरू करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला स्वास्थ्य विभाग ने हाई रिस्क वाले मरीजों की थी स्क्रीनिंग
अब छह महीने की दवाइयों के कोर्स शुरू करने के साथ मरीजों की कर रहे निगरानी
औसतन हर साल जिले में 1700 के करीब रोगियों की लक्षणों की जांच के बाद होती है पहचान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला शिमला में 150 टीबी रोगियों की पहचान हुई है। इन रोगियों के सामने आने के बाद अब जिला स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया हैं। वहीं विभाग के डॉक्टरों ने मरीजों को छह महीने की दवाइयों का कोर्स शुरू करके उनके स्वास्थ्य की निगरानी शुरू कर दी हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विनीत लखनपाल ने यह जानकारी दी है।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने टीबी रोग की पहचान के लिए स्क्रीनिंग अभियान चलाया है। घर-घर तक चलाए इस अभियान में हाई रिस्क वाले बुजुर्ग, मधुमेह, धुम्रपान और वृद्धाश्रम में रहने वाले चिह्नित करीब 96 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। वहीं 12 हजार लोगों के एक्सरे हुए हैं। ऐसे में जांच के बाद अब 150 नए टीबी रोगी मिले हैं। रोगियों के सामने आने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने परिवार के लोगों के सैंपल भी लिए हैं। बता दें कि जिले में हर साल 1700 के करीब टीबी के रोगी सामने आते हैं। हालांकि पहचान किए गए रोगियों का इलाज तो शुरू हो जाता था, लेकिन जो मरीज रह जाते थे, उनसे बीमारी फैलने का खतरा रहता था।
विज्ञापन
इनसेट
ये हैं लक्षण
लंबे समय तक खांसी, बुखार, रात को पसीना आना और वजन घटना जैसी समस्याएं टीबी के लक्षण हैं। ऐसे लक्षणों को मरीजों को हल्के में नहीं लेना चाहिए और तुरंत उपचार शुरू करना चाहिए।
विज्ञापन