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Shimla News: फार्मेसी अधिकारियों से करवाई जा रही नर्सिंग ड्यूटी
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संघ ने स्वास्थ्य निदेशक को ई-मेल के माध्यम से की शिकायत
कहा, बाह्य रोगी विभाग में है फार्मेसी अधिकारियों का काम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जोनल अस्पताल शिमला में फार्मेसी अधिकारियों (फार्मासिस्ट) और प्रबंधन के बीच आपातकालीन ड्यूटी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अब अस्पताल में काम करने वाले इन कर्मचारियों के पक्ष में हिमाचल प्रदेश हॉस्पिटल फार्मेसी ऑफिसर एसोसिएशन भी सामने आ गई है। एसोसिएशन के महासचिव खुशाल सिंह और प्रेस सचिव धीरज आनंद ने कर्मचारियों के साथ किए जा रहे इस व्यवहार की शिकायत स्वास्थ्य निदेशक डॉ. गोपाल बेरी से भी की है।
हिमाचल प्रदेश हॉस्पिटल फार्मेसी ऑफिसर एसोसिएशन के महासचिव खुशाल सिंह ने बताया कि डीडीयू अस्पताल में फार्मेसी अधिकारियों (फार्मासिस्ट) को आपातकालीन विभाग में नर्सिंग ड्यूटी करवाने के लिए विवश किया जा रहा है। उनके ड्यूटी रोस्टर बनाए जा रहे है, जबकि जिन कर्मचारियों की यहां पर असल में जरूरत है, उन्हें यहां पर लगाया ही नहीं जा रहा है। महासचिव ने कहा कि फार्मेसी अधिकारियों का कार्य केवल बाह्य रोगी विभाग में है, क्योंकि मरीजों को निशुल्क दवाइयां देना, टीबी कार्यक्रम, दैनिक रोग सारांश, केंद्रीय दवा स्टोर, जनरल स्टोर के कार्य का जिम्मा भी उन्हीं के पास है। ऐसे में अगर 24 घंटे सातों दिन यहां पर ड्यूटी लगी तो यह कार्य प्रभावित होंगे। बता दें कि अस्पताल में मौजूदा समय में 20 में से सिर्फ 9 कर्मी ही हैं। ऐसे में आपातकालीन विभाग में जहां पर इनका काम अधिक नहीं है वहां पर भी ड्यूटी लगने के कारण काम अधिक प्रभावित होगा। एसोसिएशन का कहना है कि प्रबंधन को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए न कि कर्मचारियों को प्रताड़ित करना चाहिए। उधर, एसोसिएशन के महासचिव खुशाल सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य निदेशक से भी इस बारे में बात हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि समस्या का समाधान करेंगे।
इनसेट
उत्पीड़न खत्म नहीं हुआ तो किया जाएगा प्रदर्शन
हिमाचल प्रदेश हॉस्पिटल फार्मेसी ऑफिसर एसोसिएशन का कहना है कि डीडीयू में अगर फार्मेसी अधिकारियों का उत्पीड़न खत्म नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में कड़े कदम उठाए जाएंगे। वहीं प्रदर्शन भी किए जाएंगे जिसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
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कहा, बाह्य रोगी विभाग में है फार्मेसी अधिकारियों का काम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जोनल अस्पताल शिमला में फार्मेसी अधिकारियों (फार्मासिस्ट) और प्रबंधन के बीच आपातकालीन ड्यूटी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। अब अस्पताल में काम करने वाले इन कर्मचारियों के पक्ष में हिमाचल प्रदेश हॉस्पिटल फार्मेसी ऑफिसर एसोसिएशन भी सामने आ गई है। एसोसिएशन के महासचिव खुशाल सिंह और प्रेस सचिव धीरज आनंद ने कर्मचारियों के साथ किए जा रहे इस व्यवहार की शिकायत स्वास्थ्य निदेशक डॉ. गोपाल बेरी से भी की है।
हिमाचल प्रदेश हॉस्पिटल फार्मेसी ऑफिसर एसोसिएशन के महासचिव खुशाल सिंह ने बताया कि डीडीयू अस्पताल में फार्मेसी अधिकारियों (फार्मासिस्ट) को आपातकालीन विभाग में नर्सिंग ड्यूटी करवाने के लिए विवश किया जा रहा है। उनके ड्यूटी रोस्टर बनाए जा रहे है, जबकि जिन कर्मचारियों की यहां पर असल में जरूरत है, उन्हें यहां पर लगाया ही नहीं जा रहा है। महासचिव ने कहा कि फार्मेसी अधिकारियों का कार्य केवल बाह्य रोगी विभाग में है, क्योंकि मरीजों को निशुल्क दवाइयां देना, टीबी कार्यक्रम, दैनिक रोग सारांश, केंद्रीय दवा स्टोर, जनरल स्टोर के कार्य का जिम्मा भी उन्हीं के पास है। ऐसे में अगर 24 घंटे सातों दिन यहां पर ड्यूटी लगी तो यह कार्य प्रभावित होंगे। बता दें कि अस्पताल में मौजूदा समय में 20 में से सिर्फ 9 कर्मी ही हैं। ऐसे में आपातकालीन विभाग में जहां पर इनका काम अधिक नहीं है वहां पर भी ड्यूटी लगने के कारण काम अधिक प्रभावित होगा। एसोसिएशन का कहना है कि प्रबंधन को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए न कि कर्मचारियों को प्रताड़ित करना चाहिए। उधर, एसोसिएशन के महासचिव खुशाल सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य निदेशक से भी इस बारे में बात हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि समस्या का समाधान करेंगे।
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उत्पीड़न खत्म नहीं हुआ तो किया जाएगा प्रदर्शन
हिमाचल प्रदेश हॉस्पिटल फार्मेसी ऑफिसर एसोसिएशन का कहना है कि डीडीयू में अगर फार्मेसी अधिकारियों का उत्पीड़न खत्म नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में कड़े कदम उठाए जाएंगे। वहीं प्रदर्शन भी किए जाएंगे जिसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
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