हर हिमाचली का मुफ्त होगा मेडिकल टेस्ट, स्वास्थ्य ढांचा होगा मजबूत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के हर व्यक्ति को स्वस्थ और निरोगी बनाने के लिए प्रदेश सरकार जल्द ही हर हिमाचली को निशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा देगी। रुटीन चेकअप से बीमारी का शुरूआती दौर में पता चल पाएगा।
इससे उसका बेहतर इलाज किया जा सकेगा। यह बात स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने सरकार के छह महीने पूरे होने पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि जयराम सरकार समाज के हर वर्ग के लिए ठोस कदम उठा रही है।
कमियों को दूर कर स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत किया जा रहा है ताकि लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा सके। उन्होंने बताया कि छह महीने के दौरान मेडिकल अफसरों, आयुर्वेदिक मेडिकल अफसरों, पैरा मेडिकल स्टाफ, तकनीकी स्टाफ, नर्स की भर्ती की जा रही है।
इसके अलावा केंद्र की मदद से जांच उपकरणों की भी खरीद की जा रही है। प्रदेश के छह सरकारी और एक निजी मेडिकल कॉलेज से हर साल जैसे-जैसे डॉक्टर निकलना शुरू होंगे हिमाचल का प्रति लाख लोगों पर डॉक्टरों का अनुपात बेहतर हो जाएगा।
मेडिकल विवि के वीसी की तलाश शुरू
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने का प्रयास कर रही है। मंत्री ने कहा कि मेडिकल विश्वविद्यालय के वीसी की तलाश के लिए सर्च कमेटी गठित कर दी है।
स्वास्थ्य योजनाओं के जरिये सरकारी सहायता लेने वालों को अब आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सहायता दी जाएगी। विपिन ने कहा कि 2010 में भाजपा सरकार ने 108 एंबुलेंस शुरू की थी।
मनाली में होगा एयर एंबुलेंस का बेस
अब जयराम सरकार ने बाइक एंबुलेंस सेवा शुरू की है ताकि संकरे इलाकों में भी बाइक से इमरजेंसी सेवा उपलब्ध कराई जा सके। परमार ने कहा कि हेली एंबुलेंस सेवा के लिए स्विस कंपनी के साथ एमओयू हो गया है।
इसका बेस कैंप मनाली में होगा। वहां से लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराई जाएगी ताकि इलाज के अभाव में किसी की जान न जाए। परमार ने कहा कि प्रदेश के 101 आयुर्वेद मेडिकल सेंटरों पर आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज के साथ-साथ योग शिविर भी लगाए जाएंगे।
सरकार बजट में किए निशुल्क दवा योजना के वायदे को भी जल्द पूरा करेगी।परमार ने कहा कि एम्स के लिए जमीन का चयन कर लिया गया है। 700 में से 500 एकड़ जमीन पर एम्स बनाने के लिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है। बाकी जमीन को भी जल्द ही चिह्नित कर लिया जाएगा।