अकेला चिरानी गुड़िया का हत्यारा नहीं, पिता ने मुख्यमंत्री से मिलकर लगाई न्याय की गुहार
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अकेला चिरानी ही गुड़िया का हत्यारा नहीं है, उसे हत्यारों ने प्लांट किया है। वह गुड़िया का शव ठिकाने लगाने में इस्तेमाल किया गया है। यह बात गुरुवार को गुड़िया के पिता ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष कही। गुड़िया के पिता ने सीएम से उनके सचिवालय स्थित कार्यालय में भेंट कर बेटी के लिए इंसाफ मांगा। गुड़िया की माता और बड़ी बहन ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की। सीएम ने भी उन दोनों को कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया।
गुरुवार को दोपहर के बाद गुड़िया के पिता ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को यह भी कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री की सरकारी वेबसाइट पर पहले कुछ फोटो डाले गए। यही मामले के आरोपी बताए गए। यह सोशल मीडिया पर वायरल हुए। बाद में इन्हें हटा दिया गया। सीबीआई इनके बारे में खामोश क्यों रही। इस बारे में स्थिति साफ की जानी चाहिए थी, मगर ऐसा नहीं किया गया।
इससे सवाल खड़े होते हैं। इस अवसर पर मदद सेवा ट्रस्ट के सचिव विकास थापटा और कानूनी सलाहकार एचएच पंवार भी गुड़िया के परिजनों के साथ रहे। बाद में गुड़िया के पिता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस मामले को सीबीआई हल्के में न ले। इस केस की लड़ाई दिल्ली तक लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने भी सबूत मिटाने का काम किया। जो सूरज इस असलियत से पर्दा खोल सकता था, उसे ही थाने में मार डाला गया।
क्या है गुड़िया मामला
विधानसभा आम चुनाव से पहले तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ गुड़िया मामला एक बहुत बड़ा मुद्दा बना था। दसवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा गुड़िया (काल्पनिक नाम) अपने स्कूल से 4 जुलाई, 2017 को करीब साढे़ चार बजे घर को निकली, मगर वह घर नहीं पहुंची। उसका मृत शरीर निर्वस्त्र अवस्था में छह जुलाई को हलाइला के पास जंगल में मिला।
इस मामले की जांच सीबीआई की दिल्ली से आई विशेष अपराध शाखा को सौंपी गई। सीबीआई ने इस मामले में करीब सवा चार फुट के एक चिरानी अनिल को अपराधी बताते हुए कोर्ट में चालान पेश किया। इसी मामले से जुडे़ पुलिस हिरासत में हुए सूरज हत्याकांड में आईजी, एसपी समेत कई पुलिस अधिकारी और कर्मचारी गिरफ्तार हो चुके हैं।