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राज्यपाल आचार्य देवव्रत के अभिभाषण में दिखी जयराम सरकार की प्राथमिकताएं

Thu, 11 Jan 2018 10:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, तपोवन
अमर उजाला ब्यूरो, तपोवन Updated Thu, 11 Jan 2018 10:09 AM IST
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governor's speech in himachal assembly session at dharamshala

विधानसभा सत्र के दूसरे दिन राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने नवनिर्वाचित सदन के  समक्ष नई सरकार की प्राथमिकताएं रखीं। राज्यपाल ने 18 मिनट के अपने पहले अभिभाषण में महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार जैसे मुद्दों के साथ जयराम सरकार के विकास के एजेंडे का खाका खींचा। 

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प्रदेश के विकास के लिए औद्योगिकीकरण पर विशेष जोर देने के साथ उन्होंने हिमाचली युवाओं को रोजगार निर्माण में सक्षम बनाने पर बल दिया। गांवों को सुविधा संपन्न बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘वन लगाओ-रोजी कमाओ’ योजना को सुदृढ़ करने की बात कही। 
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राज्यपाल ने सदन को सकारात्मक सोच से आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए सदस्यों को बदले की भावना से काम न करने की नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाना सरकार की प्राथमिकता रहेगी। 
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सरकार जल्द महिलाओं के खिलाफ हिंसक घटनाओं को रोकने के लिए गुड़िया के अलावा होशियार हेल्पलाइन शुरू करेगी। विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव के बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12:15 बजे राज्यपाल के अभिभाषण के लिए दोबारा शुरू हुई। 

सरकार के भविष्य के नीतिगत फैसलों और कार्यशैली का ब्यौरा रखा

governor's speech in himachal assembly session at dharamshala

राज्यपाल ने अध्यक्ष की चेयर से प्रदेश सरकार के भविष्य के नीतिगत फैसलों और कार्यशैली का ब्योरा रखा। उन्होंने कहा कि सदस्य अपना समय बदले की भावना से काम करने के बजाय प्रदेश को कैसे आगे ले जाना है, इस पर दें। 

उन्होंने कहा कि चुनावी कटुता को भुलाकर प्रदेश हित में विचार करें कि प्रत्येक नागरिक कैसे संपन्न, सुशिक्षित, सुरक्षित, स्वस्थ, सुशासित और श्रेष्ठ बनें। सदन में व्यक्तिगत राजनीति से ऊपर उठकर मुद्दों पर आधारित राजनीति को केंद्र में रखकर बहस करनी चाहिए। 

विपक्ष को चाहिए कि वह ऐसे ठोस और रचनात्मक सुझाव दें, जिनसे सरकार को नीति निर्धारण में मदद मिल सके। राज्यपाल का अभिभाषण समाप्त होने के बाद अध्यक्ष राजीव बिंदल ने सदन की कार्यवाही वीरवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। 

15 दिन के कामों पर नई सरकार की थपथपाई पीठ 

governor's speech in himachal assembly session at dharamshala

राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में 15 दिन पहले गठित जयराम सरकार के कार्यों का उल्लेख भी किया। उन्होंने जनहित फैसलों पर सरकार की पीठ थपथपाई। राज्यपाल ने कहा कि नई सरकार ने अभी-अभी कार्यभार संभाला है। सरकार के कामकाज की चर्चा के लिए यह अवधि बहुत ही कम है।

इसके बावजूद जनहित के कई कदम उठाए हैं। इनमें वृद्धों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन की आयु सीमा 80 से घटाकर 70 वर्ष की गई है। राज्य के कर्मचारियों 3 फीसदी डीए किस्त जारी की गई है।

किसानों को आवारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने को कैबिनेट की उप समिति का गठन किया गया है। सशस्त्र बल और पूर्व सैनिक कोटे के कर्मचारियों को वित्तीय लाभ प्रदान किया गया।

राज्य के तीनों पुलिस रेंज कार्यालयों में विशेष सेल की स्थापना करने का फैसला लेना, जिनमें आईजी स्तर के अधिकारी महिलाओं की शिकायतों पर 48 घंटे के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। 

दृष्टि पत्र नीतिगत दस्तावेज, कानून व्यवस्था सुधारना प्राथमिकता 

governor's speech in himachal assembly session at dharamshala

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने अभिभाषण में कहा कि सरकार ने अपने स्वर्णिम हिमाचल दृष्टि पत्र- 2017 को एक नीतिगत दस्तावेज बनाकर कार्य करना शुरू कर दिया है। इसमें ऐसे हिमाचल की कल्पना की है, जहां प्रदेश की क्षमताओं और अपार संभावनाओं का विकास किया जाएगा।

प्रदेश में कानून व्यवस्था सरकार की प्राथमिकता रहेगी और भ्रष्टाचार और माफिया राज से प्रदेशवासियों को सुरक्षा प्रदान करने को होशियार हेल्पलाइन की स्थापना होगी।

वहीं महिलाओं के खिलाफ हिंसक घटनाओं के निवारण को गुड़िया योजना का प्रक्षेपण किया जाएगा। इसमें सातों दिन 24 घंटे महिला पुलिस थाने एवं आपातकालीन गुड़िया हेल्पलाइन शुरू की जाएगी।

सड़कों के रखरखाव को नीति बनेगी 

governor's speech in himachal assembly session at dharamshala

राज्यपाल ने कहा कि सरकार विकास को तेज गति से आगे ले जाने के लिए काम करेगी। सड़कों के रखरखाव के लिए नई नीति बनेगी। केंद्र से मिले 63 नेशनल हाईवे पर काम होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एम्स के लिए 1351 करोड़ दिए हैं, जिससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।

कर्मचारी कल्याण योजना पर बल दिया जाएगा। कर्मचारियों की समस्याओं को सरकार सहानुभूति तरीके से सुलझाएगी। सेना और अर्ध सैन्य बलों में तैनात प्रदेश के युवक-युवतियों के कल्याण के लिए समुचित कदम उठाए जाएंगे। उद्योगों में निवेश बढ़ाने के लिए प्रयास होंगे।

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