दसवीं की परीक्षा में सरकारी स्कूलों का सूपड़ा साफ
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प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित मैट्रिक के वार्षिक परीक्षा परिणाम की मेरिट लिस्ट से प्रदेश के सरकारी स्कूलों का सूपड़ा साफ हो गया है।
बोर्ड की मेरिट सूची एक भी सरकारी स्कूल का बच्चा नाम नहीं दर्ज करवा पाया। हालांकि, प्रदेश भर के स्कूलों का पिछले वर्ष के मुकाबले मैट्रिक का परिणाम 8 फीसदी अधिक रहा है। मेरिट में सिर्फ निजी स्कूलों का जलवा रहा।
सोमवार को घोषित वार्षिक परीक्षा परिणाम में टॉप टेन में कुल 14 बच्चों के नाम शामिल हैं। इसमें से 8 लड़कियां और 6 लड़के हैं। मेरिट में शामिल यह सभी बच्चे प्राइवेट स्कूलों के हैं। रिजल्ट जानने के लिए रजिस्ट्रेशन करें http://results.amarujala.com/
टॉपर ने बनाया रिकार्ड
इसके अलावा मेरिट के शीर्ष दो स्थानों पर बिलासपुर का कब्जा रहा है, जबकि कुल दस स्थानों में से तीन स्थान बिलासपुर और चार स्थानों पर कांगड़ा के बच्चों का कब्जा रहा है। मंडी तथा कुल्लू दो-दो और सिरमौर, हमीरपुर और ऊना का एक-एक बच्चा मेरिट में आया है।
पिछले तीन वर्षों के परिणामों पर नजर दौड़ाई जाए तो मार्च 2015 का परिणाम सर्वाधिक रहा है। इस बार मैट्रिक के टॉपर ने 99.14 फीसदी अंक अर्जित किए हैं। मैट्रिक में 99 फीसदी से ज्यादा अंक अब तक का रिकॉर्ड माना जा रहा है।
मार्च 2012 में बोर्ड की मैट्रिक कक्षा का परिणाम 63.65 फीसदी रहा था, जबकि मार्च 2013 में 61.16, 2014 में 57.19 फीसदी और मार्च 2015 में मैट्रिक का परीक्षा परिणाम 65.26 प्रतिशत रहा है।