फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   gladiolus flower cultivation in Thunag Mandi Himachal Pradesh

रंग लाई तीन साल की मेहनत: देश-विदेश में धूम मचाएगा सूबे का ग्लैडियोलस फूल

Sun, 13 Feb 2022 01:42 PM IST
अरविन्द ठाकुर सतीश ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, गोहर (मंडी)
सतीश ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, गोहर (मंडी) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sun, 13 Feb 2022 01:42 PM IST
सार

पांच सितारा होटलों और बड़े आयोजनों में इन फूलों की मांग रहती है। जरूरत पड़ने पर फूल विदेशी मांग के अनुसार भी भेजा जाता है। शोधकर्ताओं के अनुसार मंडी जिला की सराजघाटी की आबोहवा, जलवायु, उपजाऊ मिट्टी, कम तापक्रम, अधिक जल, गुणवत्ता और प्रवर्धन अंतरराष्ट्रीय स्तर की ग्लैडियोलस किस्मों के लिए उपयुक्त है।

विज्ञापन
gladiolus flower cultivation in Thunag Mandi Himachal Pradesh
ग्लैडियोलस फूल - फोटो : संवाद

विस्तार

देश-विदेश में अब हिमाचल का ग्लैडियोलस फूल धूम मचाएगा। पांच अंतरराष्ट्रीय प्रजातियां मंगला, एचबी 15-11, एचबी 1-27, एचबी 9-16 और एचबी 2-52 को जिला मंडी के थुनाग स्थित उद्यानिकी, वानिकी महाविद्यालय एवं रिसर्च सेंटर ने तैयार करने में कामयाबी हासिल की है। तीन साल की मेहनत के बाद फूलों की प्रजातियां इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के पूरे मानकों पर खरी उतरी हैं। ग्लैडियोलस प्रजाति मूलतया अफ्रीका की है। फूल की जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड और संयुक्त अरब अमीरात में भारी मांग हैं। देश के कोने-कोने में फूलों की अच्छी खासी मांग है। 

विज्ञापन


खासकर पांच सितारा होटलों और बड़े आयोजनों में इन फूलों की मांग रहती है। जरूरत पड़ने पर फूल विदेशी मांग के अनुसार भी भेजा जाता है। शोधकर्ताओं के अनुसार मंडी जिला की सराजघाटी की आबोहवा, जलवायु, उपजाऊ मिट्टी, कम तापक्रम, अधिक जल, गुणवत्ता और प्रवर्धन अंतरराष्ट्रीय स्तर की ग्लैडियोलस किस्मों के लिए उपयुक्त है। उधर, सरकार ने भी इस संस्थान के वैज्ञानिकों की पीठ थपथपाई है। रिसर्च में परियोजना के मुख्य वैज्ञानिक एवं कालेज के डीन डॉ वाईसी गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है। इस शोध में डॉ. सीता राम, डॉ. पूजा, डॉ. नीलम और डॉ. मीनाक्षी शामिल है।
विज्ञापन


25 से 30 रुपये तक एक स्टिक की कीमत
ग्लैडियोलस भारत एवं विश्व का एक प्रमुख कट फ्लावर है। यह छोटे फूल बाली पर क्रम से एवं धीरे-धीरे खिलते हैं, जिससे कटे हुए फूलों को ज्यादा समय तक रख सकते हैं। ग्लैडियोलस विभिन्न रंगों में पाए जाते हैं। एक फूल स्टिक की कीमत 25 से 30 रुपये तक है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कहां उग सकता है यह फूल
ग्लैडियोलस की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है। इसके लिए मृदा जिसका पीएच मान 5.5 से 6.5 के बीच हो। भूमि के जल निकास का उचित प्रबंध हो, वह सर्वोत्तम मानी जाती है। खुले स्थान जहां सूरज की रोशनी सुबह से शाम तक रहती हो, ऐसे स्थान पर ग्लैडियोलस की खेती सफलतापूर्वक की जा सकती है।


प्रदेश में प्रतिवर्ष 150 करोड़ तक कारोबार
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय भारत सरकार की कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल 1685 हजार टन खुले फूल और 472 हजार टन कट फ्लावर का उत्पादन हुआ। इसमें विश्वभर में 22518.58 मीट्रिक टन पुष्प कृषि उत्पाद का निर्यात करके 479.42 करोड़ रुपये अर्जित गए। प्रदेश में प्रतिवर्ष 100 से 150 करोड़ रुपये तक फूलों का कारोबार होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed