फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Girls set a example in lahaul spiti to stop hunting of ibex in lahaul spiti himachal pradesh

बेटियों ने कायम की मिसाल, सात साल से पुलिस के पास नहीं आया कोई मामला

Tue, 12 Jan 2016 12:25 PM IST
Updated Tue, 12 Jan 2016 12:25 PM IST
विज्ञापन
Girls set a example in lahaul spiti to stop hunting of ibex in lahaul spiti himachal pradesh

इसीलिए कहते हैं ‘बेटी ही बचाएगी’। हिमाचल के जन जातीय जिला लाहौल स्पीति की बेटियों ने पहले घाटी में पेड़-पौधों को बचाने के अभियान को बनाया तो अब कुछ वर्षों से दस हजार फीट ऊंचाई पर पाए जाने वाले दुर्लभ वन्य प्राणी आईबैक्स (टंगरोल) को बचाने का बीड़ा उठाया है।

विज्ञापन


इसके शानदार परिणाम भी सामने आने लगे हैं। पिछले सात वर्षों से यहां पुलिस और वन विभाग के पास अवैध शिकार का एक भी मामला नहीं आया है। आईबैक्स के झुंड घाटी में बेखौफ विचरण करते नजर आ रहे हैं।
विज्ञापन


लाहौल की पढ़ी-लिखी बेटियों ने महिला मंडलों के माध्यम से एलान किया था कि जो भी इस शाकाहारी टंगरोल का शिकार करता हुआ पाया गया उसका हुक्का-पानी बंद कर बहिष्कार कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


महिला मंडल कोलंग की प्रधान बेचेन पालमो के अनुसार शिकार पर प्रतिबंध के बाद अब यहां रिहायशी क्षेत्र में भी आईबैक्स बेखौफ घूमते नजर आ रहे हैं। घाटी में पहले मांस के लिए आईबैक्स सबसे आसान शिकार होता था।

1000 लड़कों पर 1031 लड़कियां

Girls set a example in lahaul spiti to stop hunting of ibex in lahaul spiti himachal pradesh

ये दुर्लभ वन्य प्राणी पाए जाते हैं यहां- स्नो लैपर्ड, आईबैक्स, पाइका, घोरल, काला-भूरा भालू, हिमालयन रेड फॉक्स और लिंक्स। जनजातीय जिले लाहौल स्पीति में दशकों पहले से लिंग अनुपात में बेटों के मुकाबले बेटियां आगे हैं। मौजूदा समय में जिले में 1000 लड़कों पर 1031 लड़कियां हैं। ये आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। इसके बावजूद लाहौल की बेटियों को पिता की पैतृक संपत्ति का अधिकार नहीं है।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट और हिमाचल हाईकोर्ट अधिकार देने के आदेश दे चुके हैं। डीएफओ वाइल्ड लाइफ काजा राजेश शर्मा ने बताया कि बेटियों की पहल सराहनीय है। लोगों में जागरूकता से अवैध शिकार रुका है। विभाग के पास आईबैक्स का ताजा आंकड़ा तो नहीं लेकिन इसके झुंड अब आम देखे जा सकते हैं।

क्या है आईबैक्स

Girls set a example in lahaul spiti to stop hunting of ibex in lahaul spiti himachal pradesh

आरओ पटन रेंज मस्त राम ने बताया कि वन विभाग के रिकॉर्ड पर गौर करें तो सात साल से भी अधिक समय से आईबैक्स के शिकार का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। यह लाहौल की बेटियों की बदौलत ही हुआ है। हिमाचल प्रदेश के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में जंगली बकरे आईबैक्स कहलाते हैं।

इनके लंबे-लंबे और मुड़े हुए सींग होते हैं। इस हिमालयन आईबैक्स को साइबेरियन आईबैक्स की उपप्रजाति कहा जाता है। ये छोटे-छोटे झुंडों में चलते हैं। एक झुंड में 50 तक आईबैक्स होते हैं। आईबैक्स घास खाते हैं। ये बर्फानी तेंदुओं के आसान शिकार होते हैं। सर्दियों में बर्फ गिरने के बाद ये आबादी की ओर उतर आते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed