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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla: Court seeks records from the govt regarding the removal of former CPS Bharti's social media post; know

शिमला: पूर्व सीपीएस नीरज भारती की सोशल मीडिया पोस्ट हटाने पर सरकार से रिकॉर्ड तलब, जानें पूरा मामला

Thu, 17 Sep 2026 10:18 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 17 Sep 2026 10:18 PM IST
सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) नीरज भारती के फेसबुक-इंस्टाग्राम अकाउंट से कंटेंट हटाने के मामले में राज्य सरकार से रिकॉर्ड तलब किया है। भारती और बलदेव कुमार उर्फ बंटी सिराजी की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह आदेश दिया। 

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Shimla: Court seeks records from the govt regarding the removal of former CPS Bharti's social media post; know
पूर्व मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) नीरज भारती। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) नीरज भारती के फेसबुक-इंस्टाग्राम अकाउंट से कंटेंट हटाने के मामले में राज्य सरकार से रिकॉर्ड तलब किया है। भारती और बलदेव कुमार उर्फ बंटी सिराजी की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह आदेश दिया। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश भूपेश शर्मा की खंडपीठ ने प्रदेश सरकार को सोशल मीडिया चलाने वाली मेटा कंपनी को भेजे टेक डाउन नोटिस से जुड़े दस्तावेज और जानकारियां पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने सरकार से यह भी रिकॉर्ड मांगा है कि क्या इस टेक डाउन प्रक्रिया में आईटी रूल्स 2021 के नियम 3(1)(डी) के तहत निर्धारित नियमों का पालन किया गया है।

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हाईकोर्ट ने साफ किया है कि अगर अगली तारीख तक जवाब दाखिल नहीं किया गया तो उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ही मामले की समीक्षा होगी। खंडपीठ ने वो लिखित आदेश पेश करने को कहा है, जिसके तहत नोटिस जारी करने वाले अधिकारी को ऐसा करने के लिए अधिकृत किया था। अदालत ने नोटिस जारी करने वाले अधिकारी का नाम, पद और रैंक की जानकारी भी मांगी है। साथ ही पूछा है कि किस वैधानिक या कानूनी धारा के तहत सोशल मीडिया कंटेंट हटाने की कार्रवाई की गई। याचिकाकर्ताओं के कंटेंट में ऐसा क्या गैरकानूनी पाया गया, जिसके कारण उसे ब्लॉक या हटाने को कहा गया। हटाए गए कंटेंट के वे सटीक यूआरएल या लिंक्स जिन्हें हटाने की शिकायत की गई थी, इसकी जानकारी भी मांगी है। हाईकोर्ट ने मेटा को भी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।

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