पापा में गलत लड़की नहीं हूं... लिखा और फिर कर लिया सुसाइड
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पापा में गलत लड़की नहीं हूं... सुसाइड नोट में इतना लिखकर जमा दो की छात्रा फंदे पर झूल गई। शिमला के बसंतपुर के कदोग गांव में छात्रा ने पेड़ की टहनी में दुपट्टे का फंदा लगाकर जान दे दी। जम्मू की रहने वाली छात्रा के माता-पिता और बड़ा भाई राजगढ़ में ठेकेदार के पास मजदूरी का काम करते हैं।
छात्रा और उसका छोटा भाई दोनों बसंतपुर स्कूल में पढ़ते हैं। बुधवार को 17 साल की छात्रा स्कूल नहीं गई और दोपहर बाद अपने कमरे से करीब 500 मीटर की दूरी पर जाकर फंदे से लटक कर जान दे दी। छात्रा के कमरे से पुलिस को मिले सूसाइड नोट में लिखा था कि ...पापा में गलत लड़की नहीं हूं।
स्थानीय लोगों ने छात्रा को पेड़ से लटका देखा और इसकी जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पेड़ से उतारा। माता- पिता को फोन कर सूचना दी गई। पुलिस ने सुन्नी अस्पताल में छात्रा का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिवार के सदस्यों को सौंप दिया।
मजदूरी करते हैं छात्रा के माता-पिता और बड़ा भाई
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक करीब पांच साल पहले छात्रा के पिता अपने परिवार के साथ बसंतपुर आए थे और उसने अपने बच्चों की पढ़ाई पूरी करने के लिए बच्चों का बसंतपुर स्कूल में दाखिला करवाया। बीते साल अक्तूबर महीने में ठेकेदार का काम बसंतपुर में खत्म हो गया और राजगढ़ चला गया।
मजदूर भी अपने परिवार को लेकर ठेकेदार के साथ कमाई करने राजगढ़ चला गया। राजगढ़ में बच्चों का स्कूल में दाखिला न होने पर मजदूर वापस आया और बसंतपुर में ही बच्चों का दाखिला करवा दिया।
मजदूर ने बच्चों को रहने के लिए यहीं पर किराए का कमरा लिया और उसी की दुकान से बच्चों का राशन लगाकर वह मजदूरी करने वापस राजगढ़ चला गया। एसपी सौम्या सांबशिवन ने बताया कि पोस्टमार्टम करवाकर शव माता-पिता को सौंप दिया है।
तो क्या इसलिए फंदे पर झूल गई छात्रा
मंगलवार को स्कूल से छुट्टी होने के बाद छात्रा अकेले ही घर लौटी। छात्रा के छोटा भाई ने उससे कहा कि वह रात को रहने के लिए अपने दोस्त के घर जा रहा है। कल वहीं से स्कूल आएगा।
इस पर छात्रा ने हामी भर दी। शाम के समय छात्रा के पिता ने फोन किया और पूछा की छोटा भाई कहां हैं। छात्रा ने कहा कि वह अपने दोस्त के घर गया है।
इस पर पिता ने कहा कि भाई को क्यों जाने दिया। दूसरे दिन छात्रा भी स्कूल नहीं गई। दोपहर बाद छात्रा कमरे से 500 मीटर की दूरी पर गई और पेड़ से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।