पहाड़ाें में बर्फबारी, कई क्षेत्रों में तूफान और ओलावृष्टि ने ढाया कहर
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हिमाचल में वैशाख के महीने में भी बर्फबारी का दौर जारी है। सूबे के पहाड़ी क्षेत्रों में बीते चौबीस घंटों से हिमपात हो रहा है। रोहतांग में 75 और मढ़ी में शाम पांच बजे तक 45 सेंटीमीटर तक ताजा बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है।
लाहौल फिर बर्फ से लकदक हो गया है। इसके चलते एक बार फिर लाहौल का संपर्क कट गया है। कांगड़ा समेत सूबे के कई इलाकों में दिन में ही अंधेरा हो गया। पांगी और लाहौल में एचआरटीसी की बसों समेत कई वाहन फंस गए हैं।
कुल्लू, चंबा, किन्नौर, कांगड़ा और मंडी के पर्वतीय इलाकों में भी हिमपात हुआ है। पहाड़ों पर बर्फबारी के बीच शिमला समेत प्रदेश के कई क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश हो रही है।
मौसम के इस बदले मिजाज से अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में भी पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। केलांग जैसे कुछ जनजातीय इलाकों में पारा शून्य से नीचे चला गया है। प्रदेश के कई क्षेत्रों में ओलावृष्टि और तूफान से फसलों को नुकसान हुआ है।
कई इलाकों में बिजली गुल हो गई है।बर्फबारी के मद्देनजर लाहौल प्रशासन ने मौसम साफ होने तक लोगों को संवेदनशील इलाकों की ओर न जाने के लिए कहा है। हिमखंड गिरने की भी आशंका जताई गई है।
बर्फबारी ने सामरिक महत्व के मनाली-लेह मार्ग को इसी महीने बहाल करने के लक्ष्य के सामने भी चुनौती खड़ी कर दी है। उधर, किन्नौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों सहित चंबा जिले के भरमौर, होली, तीसा, किहार, सलूणी, साहो की ऊपरी चोटियों में ताजा हिमपात हुआ है।
बिजली गिरने से कई जगह नुकसान
मंडी में बारिश, तूफान और बिजली गिरने से कई जगह नुकसान हुआ है। लडभड़ोल में बिजली गिरने से गेहूं की तैयार फसल खेतों में ही जल गई। मंडी में 1000 मीट्रिक टन गेहूं बारिश से बर्बाद हो गई है।
इससे किसानों को करीब 25 लाख का नुकसान हुआ है। जिले के सिराज और नाचन में बिजली गुल होने से 24 घंटे ब्लैक ऑउट रहा। बारिश और तूफान के चलते बिजली के 290 ट्रांसफार्मर ठप रहे। सरकाघाट में शार्ट सर्किट से गोशाला राख हो गई।
सलूणी विकास खंड के तहत दरेकड़ी पंचायत के गांव बौठी में बिजली गिरने से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया है। खड़जौता पटवार घर और खज्जियार पंचायत में एक मकान की छत तूफान से उड़ गई है।
केलांग में शून्य से नीचे पारा
प्रदेश के तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को शिमला में अधिकतम तापमान 21.6, ऊना में 34.2, नाहन में 30.0, सोलन में 26.5, कांगड़ा में 30.3, बिलासपुर में 33.5, हमीरपुर में 29.5, चंबा में 20.9, धर्मशाला में 26.6 और केलांग में 2.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। केलांग में
न्यूनतम तापमान -0.3, मनाली में 3.0, कल्पा में 3.6, डलहौजी में 8.5, शिमला में 10.8, धर्मशाला में 12.2, सोलन में 13.4, ऊना में 17.2, बिलासपुर में 18.1 और हमीरपुर में 21.0 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया।
गेहूं की फसल पर संकट
प्रदेश के मैदानी इलाकों में इन दिनों गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार है, लेकिन मौसम की बेरुखी से फसल कटाई पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। कई जिलों में तूफान चलने से फसल को नुकसान भी हुआ है।
ओलावृष्टि से नकदी फसलों को नुकसान हो रहा है। इसके अलावा आम, लीची और सेब की फ्लावरिंग भी प्रभावित हुई है। बर्फबारी के मद्देनजर लाहौल प्रशासन ने मौसम साफ होने तक लोगों को संवेदनशील इलाकों की ओर न जाने के लिए कहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने जारी किया ये पूर्वानुमान
प्रदेश के कई क्षेत्रों में शनिवार को भी बारिश और ओलावृष्टि के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने शनिवार को मध्य पर्वतीय क्षेत्रों शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू, चंबा और उच्च पर्वतीय
इलाकों किन्नौर, लाहौल-स्पीति में बारिश, ओलावृष्टि और हिमपात की संभावना जताई है। 22 से 24 तक मौसम साफ रहने और 25-26 अप्रैल को दोबारा बारिश का पूर्वानुमान है।