फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   fresh investigation will be conducted for all previous illicit tree felling cases

हिमाचल में अवैध वन कटानों को लेकर सरकार का बड़ा फैसला

Wed, 31 Jan 2018 11:33 AM IST
धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला, शिमला।
धर्मेंद्र पंडित, अमर उजाला, शिमला। Updated Wed, 31 Jan 2018 11:33 AM IST
विज्ञापन
fresh investigation will be conducted for all previous illicit tree felling cases

हिमाचल में अवैध वन कटानों के मामलों की जांच को लेकर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला  लिया है। पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान जंगलों में अवैध कटान की नए सिरे से जांच होगी। भाजपा सरकार को पूर्व सरकार के कार्यकाल में हुई जांच और कार्रवाई पर भरोसा नहीं है।

विज्ञापन


सरकार का मानना है कि पूर्व में हुई जांच में छोटे कर्मचारी, गरीब और गोरखा समुदाय के खिलाफ कार्रवाई हुई जबकि इतना बड़ा अवैध कटान अफसरों और नेताओं की मिलीभगत के बिना नहीं हो सकता है।
विज्ञापन


लिहाजा, सरकार ने नए सिरे से जांच के आदेश दिए हैं। वन मंत्री ठाकुर गोविंद सिंह ने इसकी पुष्टि की है। मंत्री ने कहा कि हिमाचल में वन माफिया की जड़ें इतनी गहरी हैं कि इनको खोलने में सरकार को समय लगेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान जिला चंबा में वन माफिया ने बड़ी मात्रा में अवैध कटान किया। भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए विधानसभा में इसको लेकर वाकआउट भी किया। इसके बाद राजधानी शिमला के शोघी, तारादेवी में भी पेड़ कटान के मामले सामने आए।

मनाली में 400 पेड़ काटे गए लेकिन वन माफिया के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। नालागढ़ के अलावा ऊना में भी खैर के पेड़ों से भरा टिपर पकड़ा गया। चौपाल में देवदार के तेल और कोटी में 400 पेड़ों के कटान का मामला भी सुर्खियों में रहा है।

गहरी हैं वन और खनन माफिया की जड़ें

fresh investigation will be conducted for all previous illicit tree felling cases

मंत्री गोविंद सिंह ने कहा कि ऐसी भी सूचना है कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में वन और खनन माफिया के खिलाफ जब भी कार्रवाई की बात आई, विधायकों और नेताओं ने अफसरों को फोन पर चेतावनी दी कि इलाके में न वन और न ही खनन अधिकारी आने चाहिए। ऐसे में अफसर फील्ड में जाने के बजाय दफ्तरों में ही फाइल निपटाते रहे।

इस मामले को भी देखा जा रहा है।अवैध कटान के पुराने प्रकरणों और सिडार ऑयल प्रकरण की पुलिस और वन विभाग संयुक्त जांच कर रहे हैं। मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि वन माफिया जेल के पीछे होंगे। एक-एक का पर्दाफाश किया जाएगा। 

चौपाल वन रेंज में पकड़े गए सिडार वुड ऑयल विदेशों में पहुंच रहा है। विदेशी मार्केट में यह तेल 1000 रुपये तक प्रति लीटर के हिसाब से बिकता है। इस तेल को दवाइयां बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि अपर शिमला में पकड़े गए तेल के मामले में आरओ और डिप्टी रेंजर के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed