रोहतांग दर्रा होकर 40 छोटे वाहनों में लाहौल पहुंचे 300 से अधिक लोग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोहतांग दर्रा बहाल होने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है। हालांकि सड़क चौड़ी न होने की वजह से शुरुआत में वाहनों की आवाजाही एकतरफा की गई है। ऐसे में शुक्रवार को मनाली की तरफ से रोहतांग दर्रा होते हुए 40 छोटे वाहन पार हुए हैं।
इनमें करीब 300 लोग अपने घर पहुंचे। इसमें मनाली में फंसे किसान और कर्मचारी भी शामिल थे। वाहन चालक एहतियातन अपने साथ बेलचे समेत अन्य जरूरी सामान भी ले गए थे, ताकि फंसने पर वाहनों का निकाला जा सके।
रोहतांग दर्रा छोटे वाहनों के लिए बहाल होने से घाटी के लोगों ने राहत की सांस ली है। वीरवार शाम रोहतांग दर्रा बहाल होने से लाहौल घाटी शेष देश दुनिया से जुड़ गई है। बचाव चौकी से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को रोहतांग दर्रा के वन-वे होने के कारण मनाली की ओर से लगभग 40 छोटे वाहन मनाली से लाहौल घाटी पहुंचे हैं।
कोकसर से मनाली जाएंगे वाहन
हालांकि, शुक्रवार सुबह मौसम का मिजाज ठीक था लेकिन दोपहर बाद घने बादल छाए रहे। बचाव दल कोकसर के प्रभारी पवन ठाकुर और बचाव चौकी मढ़ी के प्रभारी मोहन लाल ने बताया कि लाहौल प्रशासन के आदेश के अनुसार शुक्रवार को मनाली की ओर से ही वाहन छोड़े गए हैं।
जबकि शनिवार को कोकसर से मनाली की ओर वाहन भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह क्रम रोहतांग दर्रा होकर गुजरने वाली सड़क के पूरी तरह से चौड़ी होने तक जारी रहेगा।