हिमाचल: सुक्खू बोले- पूर्व सरकार में सहारा योजना में अपात्र भी हुए शामिल, हिमकेयर में 100 करोड़ का घोटाला
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार ने सहारा योजना को स्वास्थ्य विभाग से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में स्थानांतरित कर दिया है। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में इस योजना में अपात्र लोगों को भी शामिल कर दिया था।
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नियम-130 के तहत स्वास्थ्य सेवाओं पर चल रही चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार ने सहारा योजना को स्वास्थ्य विभाग से सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में स्थानांतरित कर दिया है। पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में इस योजना में अपात्र लोगों को भी शामिल कर दिया था। अब पात्र लाभार्थियों की पहचान और सत्यापन के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवाएं ली जा रही हैं। तीन हजार लोगों के करीब लोगों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर योजना बंद नहीं हुई है। लोगों को इसका लाभ मिल रहा है।
साल में 4 बार हिमकेयर कार्ड बन रहे हैं। अस्पताल में आने वाले जरूरतमंदों को योजना का लाभ देने के लिए वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक और प्रिंसिपल को 100-100 कार्ड बनाने की शक्तियां दी गई हैं। विजिलेंस ब्यूरो हिमकेयर योजना से जुड़े मामलों की जांच की जा रहा है। गड़बड़ियों की परतें जल्द खुलेंगी। हिमकेयर योजना में 100 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में हिमकेयर के तहत अस्पतालों और अन्य देनदारियों का करीब एक हजार करोड़ रुपये का एरियर मौजूदा सरकार पर छोड़ा। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लोगों तक पहुंचे।
सहारा योजना के लाभार्थियों का नए सिरे से हो रहा सत्यापन
सहारा योजना के लाभार्थियों का नए सिरे से सत्यापन कराया जा रहा है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के माध्यम से योजना के संचालन से जरूरतमंद और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों तक सहायता अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए लोग पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। कम लोग हो पोर्टल पर आवेदन कर रहे हैं।
सरकारी मुआवजे की बंदरबाट नहीं होने देंगे : सुक्खू
मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रश्नकाल के बाद सदन में वक्तव्य दिया कि हमारी सरकार में सरकारी मुआवजे की बंदरबाट नहीं होने दी जाएगी। विधायक राकेश कालिया ने पिछले सत्र में यह विषय उठाया था। इसमें गगल एयरपोर्ट में गरीबों से जमीन कम रेट पर खरीदकर कम मुआवजा देने की बात की गई थी। सुक्खू ने कहा कि उन्होंने उसी समय स्पष्ट किया कि किसी ने नियम दरकिनार कर जमीन खरीदी है। इसमें बेनामी सौदा हुआ है। गरीब व्यक्ति से जमीन ली गई है। उन्होंने एसआईटी गठित कर कार्रवाई की बात की। सुक्खू ने कहा कि चार सदस्यीय टीम गठित की गई है। एसआईटी ने संदिग्ध बेनामी स्वामित्व की जांच की है। चार मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। सवाल सदन में उठा, उसे दबाया नहीं गया। उन्होंने कहा कि तुरंत इस मामले में एक्शन लिया।