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फसलें बचाने को जंगलों में लगाए जाएंगे फलदार पौधे
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Fri, 01 Apr 2016 08:49 AM IST
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वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने बताया कि फसलें बचाने के लिए जामुन, बेर, खनोर के पौधे लगाए जाएंगे।
- फोटो : फाइल फोटो
किसानों की फसलें बचाने को सरकार जंगलों में जामुन, खनोर, बेर और कैंथ जैसे फलदार पौधे लगाएगी। इससे जंगली जानवर विशेषकर बंदर खाने की तलाश में आबादी क्षेत्र में फसलों को निशाना नहीं बनाएंगे। राज्य सरकार केंद्र से प्रदेश के अन्य स्थानों में भी बंदरों को वर्मिन घोषित करने की मांग करेगी। उनके एक्सपोर्ट पर लगा प्रतिबंध हटाने का मामला उठाया जाएगा।
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प्रश्नकाल के दौरान गगरेट के विधायक राकेश कालिया ने पूछा था कि सरकार जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए क्या योजना बना रही है। जवाब में वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने बताया कि खाद्य शृंखला में हुए असंतुलन से जंगली जानवर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसे रोकने को सरकार जंगलों में कैंथ, बेर, गरना, फेगड़ा, खनोर आदि फलदार पौधे लगाएगी।
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वन्य प्राणियों को उनके प्राकृतिक स्थल में ही हैबिटेट एनरिचमेंट प्लांटेशन मॉडल प्लान तैयार कर केंद्र को अतिरिक्त धन उपलब्ध कराने के लिए भेजा है। बिलासपुर, नूरपुर, नाहन, शिमला, चंबा और मंडी में एक करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। नए वित्तीय वर्ष में मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना में किसानों को बिजली की बाड़ लगाने के लिए सहायता राशि देने की व्यवस्था की जा रही है। वान वाटिका बनाकर बंदरों को रखने का प्रस्ताव भी केंद्र को भेजा है।
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