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वन कटान पर जागा विभाग, रात को गश्त करेंगे अफसर
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 30 Mar 2016 11:35 AM IST
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शहर में अब दोबारा अवैध पेड़ कटान न हो इसके लिए वन विभाग के अधिकारी रात के समय भी गश्त करेंगे।
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शिमला में अवैध रूप से पेड़ कटान के मामलों को लेकर लापरवाही की नींद सोया वन महकमा आखिर जाग गया है। अवैध पेड़ कटान को लेकर ‘अमर उजाला’ में खबरें प्रकाशित होने के बाद वन महकमे ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को ऐसे मामले रोकने के लिए विशेष एहतियात बरतने के आदेश जारी किए हैं।
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शहर में अब दोबारा अवैध पेड़ कटान न हो इसके लिए वन विभाग के अधिकारी रात के समय भी गश्त करेंगे। इतना ही नहीं छुट्टी के दिनों का लाभ उठा कर चोरी छिपे पेड़ों पर कुल्हाड़ी न चले इसके लिए छुट्टी वाले दिन भी निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं। वन विभाग ने पेड़ कटान करने वाले खानों और मजदूरों की पहचान करने के लिए भी विशेष अभियान चलाने का फैसला लिया है।
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वन मंडलाधिकारी शहरी वन मंडल ने इसकी पुष्टि की है। वन विभाग की लापरवाह कार्यप्रणाली के चलते पिछले दिनों शहर में हरे पेड़ों पर चोरी छिपे कुल्हाड़ी चलाने के मामले सामने आए थे। राजधानी शिमला में सात दिनों के भीतर तीन अलग अलग स्थानों पर ग्यारह पेड़ काटे गए हैं। इन मामलों में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई करने से वन विभाग बचता रहा।
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मामले सामने आने के बाद वन विभाग ने संबंधित अधिकारियों को शो कॉज नोटिस तो जारी किए लेकिन कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई। वन विभाग ने दावा किया था कि जिम्मदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी लेकिन पेड़ कटान के दो हफ्ते बाद भी कोई कार्यवाई नहीं की गई है और मामले को दबाने का प्रयास किया गया।
शहर में ग्यारह दरख्तों पर ऐसे चली कुल्हाड़ी
शहर में अवैध पेड़ कटान का पहला मामला 15 मार्च को सामने आया। निजी भूमि पर भवन निर्माण के इरादे से पांच हरे पेड़ चोरी छिपे काट दिए गए। एमसी कोर्ट में इस मामले पर चालान पेश कर गया। दूसरा मामला में एसडीए कांप्लेक्स सी-21 में एक पेड़ काटा गया। दावा किया गया कि पेड़ लोगों के लिए खतरा बन गया था इसलिए काटा गया।
लेकिन नियमों को दरकिनार कर यह पेड़ भी ट्री अथारिटी कमेटी को सूचित किए बिना काटा गया। तीसरे मामले में न्यू शिमला में डीएवी स्कूल के पास निजी भूमि में चोरी छिपे पांच पेड़ काट दिए गए। वन विभाग ने इस मामले में डैमेज रिपोर्ट काटी। विभाग का दावा है कि अभी मामले की जांच चल रही है। अगर इन मामलों में स्टाफ की संलिप्तता पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।