भांग बिजाई के लिए लगाए नेपालियों के 15 डेरे उखाड़े, चरस माफिया में हड़कंप
नौ से 11 हजार फीट की ऊंचाई पर भांग की खेती के लिए लगाए गए नेपालियों के 15 डेरों को वन विभाग समेत ग्रामीणों ने उखाड़ हटाया। वन विभाग पार्वती ने वन भूमि पर अवैध भांग की खेती के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है।
भांग बिजाई की सूचना के साथ वन महकमा अलर्ट हो गया है। पहली बार वन विभाग की तरफ से भांग बिजाई से पहले ही कार्रवाई की गई है। वन विभाग ने पुलिस, मणिकर्ण पंचायत, महिला और युवक मंडलों के साथ मणिकर्ण, तोष, कालगा के जंगलों में छापामारी कर नेपालियों के 15 डेरों में तैनात करीब 55 से 60
नेपालियों को भगाया और उनके द्वारा तैयार किए तंबूनुमा डेरों को खाली करवाया गया। ये नेपाली घाटी के जोतों में अवैध रूप से भांग की खेती करने के फिराक में थे। उधर, वन विभाग की सख्त कार्रवाई से मणिकर्ण घाटी के चरस माफिया में हड़कंप मच गया है।
विभाग को गुप्त सूचना के आधार पर की कार्रवाई
दो दिनों से वन विभाग इस तरह की कार्रवाई कर रहा है। विभाग को गुप्त सूचना मिली थी जिसके आधार पर स्थानीय पंचायत, महिला और युवक मंडलों के सहयोग से यह कार्रवाई की है। कार्रवाई में पुलिस का भी सहयोग लिया जा रहा है।
इस संबंध में डीएफओ पार्वती हीरा लाल राणा ने कहा कि अब वन भूमि में अवैध रूप से भांग की खेती नहीं होने दी जाएगी। इसी तरह से अभियान अब जरी, मलाणा, चौकी और बनोगी की पहाड़ियों में भरी चलाया जाएगा।
उन्होंने इसके लिए स्थानीय पंचायतों से भी मणिकर्ण पंचायत की तर्ज पर वन विभाग का पूरा सहयोग करने की अपील की है। उपायुक्त कुल्लू युनूस ने कहा कि वन विभाग ने सराहनीय कार्य किया है। चरस जैसे नशे को जड़ से खत्म करने के लिए यह पहल अच्छी है।