कसौली गोलीकांडः पूर्व एसपी समेत पांच निलंबित, नौ के खिलाफ चार्जशीट, भरी कैबिनेट में DGP को लताड़ा
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कसौली गोलीकांड के 24 दिन बाद हिमाचल सरकार ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। कैबिनेट की बैठक में वीरवार को मंडलायुक्त शिमला की जांच रिपोर्ट के आधार पर सोलन के तत्कालीन एसपी मोहित चावला समेत पांच अफसरों को निलंबित कर दिया है।
इनमें एक डीएसपी, दो एसएचओ और एक नायब तहसीलदार भी शामिल हैं। इनके अलावा नौ और पुलिस कर्मचारियों को चार्जशीट कर विभागीय जांच शुरू करने के आदेश दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कसौली में 1 मई को अवैध निर्माण तोड़ने गई टीसीपी की एक महिला अधिकारी की एक होटल मालिक ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।
14 लोगों के खिलाफ कार्यवाही की सिफारिश, नौ के खिलाफ चार्जशीट
दो दिन तक फरार रहने के बाद हिमाचल पुलिस ने आरोपी को वृंदावन से गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री दिल्ली दौरे पर थे, जिसकी वजह से न तो तत्कालीन प्रधान सचिव और न ही डीजीपी ने किसी पुलिस कर्मी पर कार्यवाही की।
मुख्यमंत्री ने शिमला लौटते ही मामले में अधिकारियों से बातचीत के बाद एसपी समेत कई पुलिस कर्मियों को हटा दिया और मंडलायुक्त शिमला को जांच के आदेश दे दिए। कुछ दिन पहले मंडलायुक्त ने 14 लोगों के खिलाफ कार्यवाही की सिफारिश करते हुए जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी।
जिसके बाद अब वीरवार को मंत्रिमंडल की बैठक में तत्कालीन एसपी मोहित चावला के अलावा तत्कालीन डीएसपी परवाणू, तत्कालीन नायब तहसीलदार और धर्मपुर व कसौली के तत्कालीन एसएचओ को निलंबित कर दिया है।
डीजीपी को लगी फटकार
करीब पांच महीने की जयराम सरकार पहली बार बेहद कड़े तेवर में आई। वीरवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठम में कसौली प्रकरण की नाराजगी की पूरी गाज डीजीपी सीताराम मरडी पर गिरी। मंत्रिमंडल ने पहले डीजीपी को तलब किया और जमकर खरी खोटी सुनाई।
सूत्रों की मानें तो मंत्रिमंडल के कुछ सदस्यों का यह कहना था कि जब इतनी बड़ी घटना हुई तो सिपाही तक पर कार्रवाई करने के लिए डीजीपी मुख्यमंत्री का इंतजार क्यों कर रहे थे।
कुछ का यह भी कहना था कि डीजीपी ने न सिर्फ अपनी छवि खराब की बल्कि चार महीने पुरानी सरकार की पूरी छवि को धूमिल कर दिया। इसके अलावा निरंकुश रवैया अपनाते हुए मुख्यमंत्री की भी इमेज को डैमेज किया। इसके बाद उन्हें बैठक से वापस भेज दिया गया।
सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल ने मंत्रणा के बाद डीजीपी बदलने को लेकर चर्चा की। चूंकि मुख्यमंत्री के करीबी संजय कुंडू अब भी तक केंद्र से रिलीव नहीं हुए हैं, वहीं सोमेश गोयल भी विदेश यात्रा पर हैं। ऐसे में बदलाव पर निर्णय को कुछ दिन के लिए टाल दिया गया।
पूर्व थाना प्रभारियों का पहले तबादला फिर निलंबन
कसौली गोलीकांड के दौरान ड्यूटी पर तैनात रहे पुलिस जवानों पर दोहरी गाज गिरी। पहले इन जवानों को तबादला आदेश मिले और शाम होने तक निलंबित कर दिया गया।
पुलिस विभाग ने ड्यूटी पर कोताही बरतने के आरोप में कुल पांच पुलिस कर्मचारियों पर विभागीय जांच शुरू की थी। जिनमें इंस्पेक्टर मदन सिंह, सब इंस्पेक्टर दलीप सिंह व सब इंस्पेक्टर कुलदीप समेत क्विक रियेक्शन टीम के जवान ईश्वर व नरेंद्र शामिल थे।
इनमें से इंस्पेक्टर मदन सिंह व सब इंस्पेक्टर दलीप सिंह को पहले सोलन से आईआरबी बटालियन कोलर भेजा गया और उसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया है। जबकि अन्य तीन सब इंस्पेक्टर कुलदीप व क्विक रियेक्शन टीम के जवान ईश्वर व नरेंद्र का तबादला कोलर के लिए किया गया है।
बदले गए सभी कर्मचारियों को तत्काल ड्यूटी ज्वाइन करने को कहा गया है। यह आदेश गोलीकांड मामले में जांच रिपोर्ट में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद आए हैं।