नशे के खिलाफ हिमाचल समेत पांच राज्यों के सीएम ने किया मंथन, इस प्रस्ताव पर बनी सहमति
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नशे के खिलाफ उत्तर भारत के पांच राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने गुरुवार को चंडीगढ़ में हुए क्षेत्रीय सम्मेलन में मंथन किया। सम्मेलन में जयराम ठाकुर ने स्पष्ट तौर पर कहा कि हिमाचल में पिछले एक साल में नशा तस्करी में संलिप्त कुल 789 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें 27 महिलाएं और दो विदेशी शामिल हैं।गिरफ्तार आरोपियों में 40 प्रतिशत पंजाब और 25 प्रतिशत हरियाणा राज्य से संबंधित हैं।
पंजाब की मेजबानी में हुए सम्मेलन मेें हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान के मुख्यमंत्रियों, जम्मू कश्मीर, केंद्र शासित क्षेत्र चंडीगढ़ और दिल्ली के उच्चाधिकारियों ने भाग लिया। सीएम जयराम ठाकुर ने अगला सम्मेलन हिमाचल में करने का प्रस्ताव भी रखा, जिस पर सहमति बनी। सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में इस साल जून तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 1622 मामले दर्ज किए।
141.776 किलो चरस, 7.095 किलो अफीम, 3.599 किलो हेरोइन, 5810 नशे की गोलियां और 50,700 कैप्सूल पकड़े गए। उन्होंने कहा कि ‘नशे को न-जीवन को हां’ स्लोगन के साथ अभियान चलाया जाना चाहिए। सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने ड्रग्स की रोकथाम, बड़े अपराधियों और गैंगस्टर्स की गिरफ्तारी को बनाई रणनीति पर चर्चा की। जयराम ने कहा कि पंचकूूला में रीजनल कमांड सेंटर की 15 अगस्त को स्थापना से पहले इस केंद्र में हिमाचल के दो अधिकारी नियुक्त होंगे।
पंजाब करेगा नशा तस्करों के लिए मृत्यु दंड की मांग : अमरिंदर
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार ने सत्ता में आते ही नशा तस्करों के खिलाफ अभियान छेड़ा है। पंजाब केंद्र सरकार से मादक पदार्थों के तस्करों के खिलाफ कड़ी सजा तथा मृत्यु दंड के प्रावधान का आग्रह कर रहा है।
खट्टर ने ड्रग कंट्रोल सचिवालय बनाए जाने की वकालत की
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हरियाणा सरकार ने ड्रग कंट्रोल सचिवालय बनाए जाने की वकालत की है।
रावत और गहलोत ने भी जताई चिंता
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री टीएस रावत ने कहा कि उनके प्रदेश में मादक पदार्थों के खिलाफ कारगर अभियान चलाया जा रहा है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि ड्रग्स कोई राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक समस्या है, जिस पर सभी को मिलकर काबू पाना है।