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पीलिया से हिमाचल में इस साल पहली मौत, यहां सामने आया मामला

Tue, 16 Jan 2018 01:46 PM IST
सुमित ठाकुर, अमर उजाला, शिमला
सुमित ठाकुर, अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 16 Jan 2018 01:46 PM IST
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first death due to jaundice in himachal this year

हिमाचल में हर साल कहर ढाने वाले पीलिया से इस बार भी एक लड़की की मौत हो गई है। पीलिया से पीडि़त सुंदरनगर की 13 साल की एक बच्ची ने बीते दिन आईजीएमसी में दम तोड़ दिया।

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इसके बाद लोगों में हड़कंप मच गया है। पिछले पंद्रह दिनों में पीलिया की आशंका के चलते प्रदेश में 23 लोगों के टेस्ट हो चुके हैं, जिनमें से दो में हेपेटाइटिस-ई पाया गया है। साल 2016 में पीलिया से करीब तीन दर्जन लोगों की मौत हो गई थी।
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पिछले साल में आधा दर्जन लोगों की जान गई थी। इस साल पीलिया से मौत का यह पहला मामला है। आईजीएमसी प्रशासन का कहना है कि हेपेटाइटिस ए (पीलिया) से पीडि़त तेरह साल की एक लड़की को सुंदरनगर के एक निजी अस्पताल से आईजीएमसी रेफर किया गया था।

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यह लड़की कोमा में थी। उसे वेंटिलेटर पर रखा गया था। रविवार दोपहर बाद उसकी मौत हो गई। अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक अधीक्षक डॉ. रमेश चंद ने इसकी पुष्टि की है।

बताया जा रहा है कि लड़की के अलावा उसके परिवार के चार से पांच सदस्य भी पीलिया से पीडि़त हैं। डॉक्टरों की मानें तो लड़की को गंभीर हालत में यहां लाया गया था। गौरतलब है कि राजधानी शिमला में साल 2016 में पीलिया ने जमकर कहर बरपाया था।

इस साल पीलिया ने शिमला में मचाया था कहर

first death due to jaundice in himachal this year

राजधानी शिमला में साल 2016 में पीलिया ने जमकर कहर मचाया था। दिसंबर 2015 से शुरू हुआ पीलिया फैलने का सिलसिला अप्रैल 2016 तक चला था। इस दौरान राजधानी शिमला सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के तीन दर्जन से अधिक लोगों की पीलिया की चपेट में आने के बाद मौत हो गई थी।

वहीं पांच हजार से अधिक लोग इसकी चपेट में आए थे। राजधानी शिमला के एक बड़े क्षेत्र को पीने का पानी मुहैया करवानी वाली अश्वनी पेयजल योजना के दूषित पानी के कारण पीलिया फैला था। तीन दर्जन से अधिक लोगों की मौत होने के बाद हरकत में आई सरकार ने अश्वनी पेयजल योजना को बंद कर दिया था।

बीते दो साल से अश्वनी पेयजल योजना से शहर के लिए पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है। उधर, दो माह से शिमला शहर में बारिश नहीं होने के चलते पीलिया ने दोबारा से पांव पसारने शुरू कर दिए हैं।

अस्पतालों में पीलिया रोग की शंका होने के बाद हेपेटाइटिस ए और हेपेटाइटिस ई के कुल 34 टेस्ट किए गए। जिसमें कि चार मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जिसमें से एक मरीज की रविवार को मौत भी हो गई।

क्या होता है पीलिया रोग होने पर

first death due to jaundice in himachal this year

हल्का बुखार लगभग 102 डिग्री तक, मतली और उल्टी आना, थकावट होना, भूख न लगना, पेट में दर्द होने जैसी शिकायतें होती है। हेपेटाइटिस ए व्यक्ति को तब होता है जब वायरस वाले मल से प्रदूषित भोजन और पानी का सेवन करते हो। इसलिए हेपेटाइटिस ए से ग्रस्त व्यक्ति शौचालय जाने के बाद अपने हाथों को अच्छे से धोएं।

एलएफटी टेस्ट से पता चलता है 
इस रक्त परीक्षण से पता चलता है कि आपका लीवर कितने ठीक तरह से कार्य कर रहा है। इसके अलावा लीवर के उतकों  का नमूना लेकर समस्या हेतु उसका परीक्षण किया जाता है।

पका हुआ भोजन व उबला पानी पिए
हेपेटाइटिस ए के वायरस से ग्रस्त लोगों को अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उसे कच्चा खाना नहीं खाना चाहिए। बल्कि उसे सही तरीके के साथ पका हुआ भोजन ग्रहण करना चाहिए। जबकि हमेशा उबले हुए पानी का सेवन करना चाहिए।

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