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शिमला जिले में पहले दिन महज 70 निजी बसों का संचालन
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राजधानी में 25 निजी बसें चलीं, आज से बसों की आवाजाही बढ़ने से मिलेगी राहत
लंबे रूट पर 20 और रामपुर में 25 बसों का संचालन
शहर में 103 और जिले में 250 निजी बसें हैं पंजीकृत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला सहित जिलेभर में बुधवार को महज 70 निजी बसें ही चलीं। मंगलवार को मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद निजी बस ऑपरेटर यूनियन ने बुधवार से सभी निजी बसों का संचालन शुरू करने का दावा किया था। बावजूद इसके महज 70 बसें ही रूटों पर चलीं। हालांकि निजी बसों के रूटों पर चलने से यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। शहर के लोकल और लंबे रूटों पर निजी बसें चलने से बुधवार को लोगों को बसों के लिए लंबे इंतजार से छुटकारा मिला।
राजधानी शिमला में बुधवार से कुछ निजी बस ऑपरेटरों ने रूटों पर बसों का संचालन शुरू कर दिया। शोघी-शिमला, संजौली-शिमला, पंथाघाटी मैहली शिमला सहित अन्य रूटों की बसें बुधवार से चलनी शुरू हो गई। अपने निर्धारित रूट को छोड़ कर बस आपरेटरों ने बसें ऐसे रूटों पर ही चलाई जहां यात्रियों की संख्या अधिक थी। मैहली-पंथाघाटी से समरहिल, जतोग रूट की बसें ओल्ड बस स्टैंड मैहली, पंथाघाटी रूट पर ही चलीं जिसके कारण समरहिल और जतोग टुटू की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। शिमला-शोघी रूट पर 12 में से सिर्फ एक ऑपरेटर ने ही बसें चलाई। मुद्रिका रूट पर भी आधे ऑपरेटरों ने बसों का संचालन श्ुारू किया है। इसमें जिन ऑपरेटरों की शहर में 6 से 8 बसें चलती हैं उन्होंने अपनी 2 से 3 बसें ही पहले दिन रूटों पर चलाई।
काम पर नहीं लौटा स्टाफ
कुछ बसें खराब : अमित
निजी बस ऑपरेटर यूनियन के पूर्व महासचिव अमित चड्ढा ने बताया कि बसों का आधा स्टाफ अभी काम पर नहीं लौटा है। कुछ बसें खराब हैं जिन्हें मरम्मत के बाद ही रूटों पर उतरा जा सकता है। आने वाले दिनों में अधिकतर बसें रूटों पर उतर जाएंगी।
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पहले ही दिन बसों में ओवरलोडिंग
बुधवार को पहले दिन शहर में चलाई गई कुछ निजी बसों में ओवरलोडिंग भी हुई। सुबह 9:30 बजे संजौली से लक्कड़ बाजार की ओर आ रही निजी बस में सवारियां खड़ी थीं। शाम के समय मैहली-पंथाघाटी रूट पर भी बसों में सवारियां स्टैंडिंग सफर करती दिखीं। कुछ एचआरटीसी और प्राइवेट बसों में 50 फीसदी ऑक्यूपैंसी के नियम का भी पालन नहीं किया गया, हालांकि आवाजाही के लिए बस सुविधा मिलने पर शहर के लोग संतुष्ट दिखे।
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लंबे रूट पर 20 और रामपुर में 25 बसों का संचालन
शहर में 103 और जिले में 250 निजी बसें हैं पंजीकृत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला सहित जिलेभर में बुधवार को महज 70 निजी बसें ही चलीं। मंगलवार को मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद निजी बस ऑपरेटर यूनियन ने बुधवार से सभी निजी बसों का संचालन शुरू करने का दावा किया था। बावजूद इसके महज 70 बसें ही रूटों पर चलीं। हालांकि निजी बसों के रूटों पर चलने से यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। शहर के लोकल और लंबे रूटों पर निजी बसें चलने से बुधवार को लोगों को बसों के लिए लंबे इंतजार से छुटकारा मिला।
राजधानी शिमला में बुधवार से कुछ निजी बस ऑपरेटरों ने रूटों पर बसों का संचालन शुरू कर दिया। शोघी-शिमला, संजौली-शिमला, पंथाघाटी मैहली शिमला सहित अन्य रूटों की बसें बुधवार से चलनी शुरू हो गई। अपने निर्धारित रूट को छोड़ कर बस आपरेटरों ने बसें ऐसे रूटों पर ही चलाई जहां यात्रियों की संख्या अधिक थी। मैहली-पंथाघाटी से समरहिल, जतोग रूट की बसें ओल्ड बस स्टैंड मैहली, पंथाघाटी रूट पर ही चलीं जिसके कारण समरहिल और जतोग टुटू की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। शिमला-शोघी रूट पर 12 में से सिर्फ एक ऑपरेटर ने ही बसें चलाई। मुद्रिका रूट पर भी आधे ऑपरेटरों ने बसों का संचालन श्ुारू किया है। इसमें जिन ऑपरेटरों की शहर में 6 से 8 बसें चलती हैं उन्होंने अपनी 2 से 3 बसें ही पहले दिन रूटों पर चलाई।
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काम पर नहीं लौटा स्टाफ
कुछ बसें खराब : अमित
निजी बस ऑपरेटर यूनियन के पूर्व महासचिव अमित चड्ढा ने बताया कि बसों का आधा स्टाफ अभी काम पर नहीं लौटा है। कुछ बसें खराब हैं जिन्हें मरम्मत के बाद ही रूटों पर उतरा जा सकता है। आने वाले दिनों में अधिकतर बसें रूटों पर उतर जाएंगी।
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पहले ही दिन बसों में ओवरलोडिंग
बुधवार को पहले दिन शहर में चलाई गई कुछ निजी बसों में ओवरलोडिंग भी हुई। सुबह 9:30 बजे संजौली से लक्कड़ बाजार की ओर आ रही निजी बस में सवारियां खड़ी थीं। शाम के समय मैहली-पंथाघाटी रूट पर भी बसों में सवारियां स्टैंडिंग सफर करती दिखीं। कुछ एचआरटीसी और प्राइवेट बसों में 50 फीसदी ऑक्यूपैंसी के नियम का भी पालन नहीं किया गया, हालांकि आवाजाही के लिए बस सुविधा मिलने पर शहर के लोग संतुष्ट दिखे।