हिमाचल में मानसून की दस्तक, झमाझम बरसेंगे मेघ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुधवार को प्रदेश के कई क्षेत्रों में मानसून की पहली बारिश हुई। साल 2017 के मुकाबले इस साल मानसून चार दिन पहले पहुंचा है। बीते साल पहली जुलाई को हिमाचल में मानसून पहुंचा था।
मानसून की एंट्री होने के साथ ही मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 30 जून तक प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है। तीन जुलाई तक प्रदेश में मौसम खराब बना रहेगा।
हिमाचल में इस साल एेसा रहेगा मानसून
मौसम विभाग के निदेशक डा. मनमोहन सिंह ने बताया कि सिरमौर, सोलन, बिलासपुर और ऊना के कुछ क्षेत्राें में 29 जून से मानसून के बादल बरसने शुरू होंगे।
बुधवार दोपहर बाद राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में जमकर बारिश हुई। आने वाले करीब दो महीने तक प्रदेश में बारिशों का सिलसिला चलेगा। मौसम विभाग ने इस साल सामान्य बारिश होने की संभावना जताई है।
तीन दिन तक भारी बारिश की चेतावनी
विभाग ने हिमाचल में तीन दिन तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 28 जून को राज्य के निचले और मध्यम क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी है। 29 जून को विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है।
वहीं, 30 जून को भी मैदानी और मध्यम उंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। राज्य में तीन जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
किसानों-बागवानों को राहत की उम्मीद
मानसून के हिमाचल पहुंचने से किसानों और बागवानों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रदेश की अधिकतर कृषि योग्य भूमि बारिश पर निर्भर करती है।साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे पेयजल संकट भी दूर होने की आस है। काफी समय से प्रदेश में सूखे की स्थिति बनी थी।
बारिश से फलों का आकार बढ़ेगा और खेती के लिए पर्याप्त नमी मिलेगी। विशेषकर बागवानों के लिए राहत की खबर है। मानसून सक्रिय होने से सेब का आकार बढ़ेगा और पौधों को उचित नमी उपलब्ध होगी।
जून में 12 फीसदी कम बारिश हुई रिकार्ड
पहली जून से 27 जून तक प्रदेश में सामान्य से 12 फीसदी कम बारिश रिकार्ड हुई। बिलासपुर मेें सामान्य से 49 फीसदी, हमीरपुर-कुल्लू-सिरमौर में 7, चंबा में 45, किन्नौर में 76 और लाहौल-स्पीति में 21 फीसदी कम बारिश रिकार्ड हुई।
कांगड़ा में सामान्य से 8 फीसदी, मंडी में 20, शिमला में 18, सोलन में तीन और ऊना में 41 फीसदी अधिक बारिश रिकार्ड की गई। बुधवार को लाहौल और कुल्लू की ऊंची चोटियों पर हिमपात और निचले इलाकों में बारिश हुई।
आपदा प्रबंधन ने बुलाई एनडीआरएफ की टीम
राज्य आपदा प्रबंधन ने एनडीआरएफ को पत्र लिखकर मानसून सीजन के दौरान एक टीम हिमाचल में तैनात रखने को कहा है। अत्याधुनिक उपकरणों से लैस पचास सदस्यीय टीम सुन्नी में रुकेगी।
विशेष सचिव आपदा प्रबंधन डीसी राणा ने बताया कि सभी जिला उपायुक्तों को मौसम विज्ञान केंद्र से मिलने वाला पूर्वानुमान रोजाना भेजा जा रहा है। उन्हें आपातकालीन कंट्रोल रूम में 24 घंटे कर्मचारी नियुक्त कर अलर्ट रहने को कहा है।
इतने डिग्री तक गिरा अधिकतम तापमान
बुधवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में आठ से नौ डिग्री की कमी दर्ज हुई। ऊना में अधिकतम तापमान 32.6, नाहन में 30.0, बिलासपुर में 26.2, सुंदरनगर में 26.3, सोलन में 27.6, हमीरपुर में 24.4, चंबा में 23.9, धर्मशाला में 23.1,
शिमला में 21.8 और केलांग में 11.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ। उधर, बुधवार को चायल में 43 मिलीमीटर, कालाटॉप में 23, डलहौजी में 20, मनाली में 15, चंबा में सात, केलांग में पांच मिलीमीटर बारिश रिकार्ड हुई।