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हर मोर्चे पर विफल रही प्रदेश सरकार : एबीवीपी
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आउटसोर्स पर शिक्षक भर्ती का किया विरोध
घोषणाओं को लागू करने रही नाकाम रही सरकार : जरयाल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत सह मंत्री दिशांत जरयाल ने कांग्रेस सरकार के दो साल पूरे होने पर मनाए जश्न को लेकर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार बेरोजगारी को दूर करने के साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा, विकास के हर मोर्चे पर विफल रही है। बीते रोज मंत्रिमंडल की बैठक में आउटसोर्स आधार पर शिक्षकों की भर्ती करने का फैसले लिया जोकि पढ़े लिखे शिक्षित बेरोजगारों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि युवा स्थायी रोजगार की आस में सालों से पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां कर रहें। सरकार अपने घोषणा पत्र में किए वादों को धरातल पर लागू कर आम जनता को लाभ देने में पूरी तरह से नाकाम रही है।
सरकार ने अपनी घोषणाएं पूरी नहीं की और सत्ता संभालते ही पिछली सरकार के जन हित में लिए फैसलों तथा अधिसूचनाओं को रद्द कर दिया। बताया कि मंत्री हर्ष वर्धन ने कहा है कि जिन क्षेत्रों में अध्यापकों की कमी है उन सभी संस्थानों में आउटसोर्स भर्ती करके पीरियड के आधार पर प्राथमिक विद्यालय के अध्यापकों को 200 रुपये प्रति पीरियड, उच्च विद्यालय के अध्यापकों को 250 रुपये प्रति पीरियड , वरिष्ठ विद्यालयों के अध्यापकों को 400 रुपये प्रति पीरियड और महाविद्यालय के प्राचार्य को 500 रुपये प्रति पीरियड के हिसाब से मानदेय देने का फैसला लिए जाने की जानकारी दी। कहा कि प्रदेश में 2022-23 के सर्वे के अनुसार 7 लाख 8 हजार 2 सौ 30 बेरोजगार रोजगार कार्यालय में पंजीकृत हैं। लेकिन प्रदेश सरकार ऐसे संवेदनशील विषय के ऊपर किसी प्रकार की नीति लाने की जगह आउटसोर्स पर शिक्षक भर्ती कर काम चलाऊ व्यवस्था कर रही है। जरयाल ने चेताया कि यदि यह फैसला वापस न लिया तो एबीवीपी युवाओं को लामबंद कर प्रदेश भर में उग्र आंदोलन करेगी।
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घोषणाओं को लागू करने रही नाकाम रही सरकार : जरयाल
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत सह मंत्री दिशांत जरयाल ने कांग्रेस सरकार के दो साल पूरे होने पर मनाए जश्न को लेकर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार बेरोजगारी को दूर करने के साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा, विकास के हर मोर्चे पर विफल रही है। बीते रोज मंत्रिमंडल की बैठक में आउटसोर्स आधार पर शिक्षकों की भर्ती करने का फैसले लिया जोकि पढ़े लिखे शिक्षित बेरोजगारों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि युवा स्थायी रोजगार की आस में सालों से पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां कर रहें। सरकार अपने घोषणा पत्र में किए वादों को धरातल पर लागू कर आम जनता को लाभ देने में पूरी तरह से नाकाम रही है।
सरकार ने अपनी घोषणाएं पूरी नहीं की और सत्ता संभालते ही पिछली सरकार के जन हित में लिए फैसलों तथा अधिसूचनाओं को रद्द कर दिया। बताया कि मंत्री हर्ष वर्धन ने कहा है कि जिन क्षेत्रों में अध्यापकों की कमी है उन सभी संस्थानों में आउटसोर्स भर्ती करके पीरियड के आधार पर प्राथमिक विद्यालय के अध्यापकों को 200 रुपये प्रति पीरियड, उच्च विद्यालय के अध्यापकों को 250 रुपये प्रति पीरियड , वरिष्ठ विद्यालयों के अध्यापकों को 400 रुपये प्रति पीरियड और महाविद्यालय के प्राचार्य को 500 रुपये प्रति पीरियड के हिसाब से मानदेय देने का फैसला लिए जाने की जानकारी दी। कहा कि प्रदेश में 2022-23 के सर्वे के अनुसार 7 लाख 8 हजार 2 सौ 30 बेरोजगार रोजगार कार्यालय में पंजीकृत हैं। लेकिन प्रदेश सरकार ऐसे संवेदनशील विषय के ऊपर किसी प्रकार की नीति लाने की जगह आउटसोर्स पर शिक्षक भर्ती कर काम चलाऊ व्यवस्था कर रही है। जरयाल ने चेताया कि यदि यह फैसला वापस न लिया तो एबीवीपी युवाओं को लामबंद कर प्रदेश भर में उग्र आंदोलन करेगी।
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