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हाईकोर्ट के आदेश पर यहां हटाए 102 अवैध कब्जे

Tue, 12 Sep 2017 12:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन Updated Tue, 12 Sep 2017 12:29 PM IST
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encroachment removed on high court's order in solan

हाईकोर्ट के आदेशों के बाद सोलन शहर से अतिक्रमण सहित अवैध कब्जों को हटाने की मुहिम में जिला प्रशासन सफल रहा है। इसके तहत प्रशासन ने माल रोड से 83 अतिक्रमण और 19 कब्जे मिनी सचिवालय को जाने वाले मार्ग से हटाए। 

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हालांकि इस मुहिम के दौरान कई अतिक्रमणकारी इस कार्य के दौरान प्रशासन के अधिकारियों से उलझे भी। लेकिन कोर्ट के आदेशानुसार जिला प्रशासन ने एक न सुनी। हटाए गए अतिक्रमण का सोमवार को शिमला हाइकोर्ट से आई टीम ने जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को अतिक्रमण के मामले में सख्ती से निपटने को कहा। 
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जानकारी के अनुसार शिमला हाईकोर्ट से आए सहायक एडवोकेट जरनल अनूप रतन ने एसडीएम सोलन एकता कापटा, नप कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ सहित अन्य अधिकारियों की टीम के साथ सोलन मालरोड के पास से हटाए गए अतिक्रमणों का जायजा लिया। 
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इसके बाद टीम शहर के मुरारी मार्केट में पहुंची वहां से हटाए अतिक्रमणों का निरीक्षण कर पुराने डीसी कार्यालय के पास बने सैनिक विश्राम गृह होते हुए सोलन बाइपास लाइटों के पास पहुंची। इसके बाद टीम मिनी सचिवालय को जाने वाले मार्ग पर पहुंची। 

यहां पर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने निरीक्षक को बताया कि यह मार्ग पहले बहुत ही तंग था। लेकिन अवैध कब्जे हटाने के बाद यह मार्ग काफी चौड़ा हो गया है। निरीक्षक ने भी माना कि सबसे ज्याद अतिक्रमण इसी स्थान पर लग रहा है।

अधिकारियों को यह भी कहा कि कोर्ट के आदेशानुसार वह अवैध कब्जाधारियों से सख्ती से पेश आए। कहा कि 100 साल से या 200 साल से किसी के पास जमीन है, अगर वह सरकारी है तो वह भी छोड़नी होगी।  

मिनी सचिवालय मार्ग का निरीक्षण करने के दौरान एक स्थानीय निवासी ने हाईकोर्ट से आए निरीक्षक को बताया कि जिला प्रशासन ने मेरे घर की पैमाइश सही नहीं की है। इसके चलते जिला प्रशासन ने मेरे घर को भी तोड़ डाला। 

इस पर निरीक्षक ने कहा कि यदि आपको लग रहा है कि यह आपकी जमीन है तो आप हाईकोर्ट में 15 सितंबर तक याचिका डाल सकते हैं। कहा कि जमीन की पैमाइश आपके हिसाब से नहीं की जाएगी। वह कानून और नियमानुसार होगी। यदि उसके बाद आपके के पास से और भी सरकारी जमीन निकलती है, तो प्रशासन सरकारी जमीन से अवैध कब्जों को हटा देगी।  

मौके पर कर सकते है निशानदेही 
एसडीएम एकता कापटा ने बताया कि जिन लोगों को लग रहा है कि जिला प्रशासन ने उनकी जमीन को अपने कब्जे में लिया है। वह मौके पर निशानदेही करवा सकते हैं। कहा कि कानून और नियमानुसार जिला प्रशासन ने अवैध कब्जों को लेकर निशानदेही करवाई थी। इसके बाद कब्जाधारियों को नोटिस दिए और स्वयं कब्जों को हटाने की सलाह दी। इसमें कुछ लोगों ने स्वयं कब्जों को हटा भी दिया था। लेकिन जिन्होंने कब्जे नहीं हटाए फिर मजबूरन जिला प्रशासन को हाईकोर्ट के आदेशानुसार अवैध कब्जों को हटाने के लिए सख्त रवैया अपनाना पड़ा। 


लोग 15 सितंबर तक रख सकते हैं पक्ष  
सहायक एडवोकेट जरनल अनूप रतन ने बताया कि डीसी सोलन ने ऐफेडेबिट दायर कर कहा था कि उन्होंने 83 माल रोड और 19 मिनी सचिालय से अवैध कब्जे हटाए हैं। इसका निरीक्षण करने के लिए हाईकोट ने उन्हें कहा था। इसमें हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालाना करते हुए उन्होंने सोलन से अधिकतम अतिक्रमण को खत्म कर दिया है। बताया कि वह और भी ऐसे क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं, जहां लोगों ने अवैध कब्जे किए हैं। कहा कि हाईकोर्ट की यही मुहिम है कि सरकारी भूमि से अतिक्रमण को साफ कर शहरों को साफ और सुंदर बनाया जाए। लोग 15 सितंबर तक अपना पक्ष रख सकते हैं।

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