इन केंद्रों में बदले जाएंगे रोजगार कार्यालय, सीएम जयराम ने किया एलान
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रोजगार कार्यालयों को कौशल पहचान और कॅरिअर मार्गदर्शन केंद्रों में बदला जाएगा। इसके अलावा विकासात्मक योजनाओं के लिए पट्टे पर भूमि देने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा।
जिला और खंड स्तर पर और अधिक रोजगार मेले और कैंपस इंटरव्यू होंगे, ताकि युवाओं को नौकरियां मिलें। प्रदेश में 8.34 लाख युवा बेरोजगार हैं और हर साल दो लाख युवा रोजगार के लिए पंजीकरण कराते हैं।
यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को सचिवालय में रोजगार सृजन लक्ष्यों के लिए आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभागों के सरकारी कार्यक्रम और नीतियां युवाओं को रोजगार प्रदान करने पर लक्षित हों।
निजीजी क्षेत्रों में 7,90,000 रोजगार
मौजूदा वित्त वर्ष के बजट में सरकार ने रोजगार सृजन पर विशेष बल दिया है। सरकार ने कई नई योजनाएं शुरू की हैं। सरकार स्वरोजगार के लिए कृषि, पर्यटन, उद्योग, ऊर्जा, शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन देगी।
बेरोजगार युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने पर सरकार विशेष बल दे रही है। सीएम ने कहा कि सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों तथा शहरी स्थानीय निकायों में 2,75,000 रोजगार के अवसर मौजूद हैं।
संगठित तथा असंगठित निजी क्षेत्रों में लगभग 7,90,000 रोजगार उपलब्ध हैं। प्रदेश में 35.25 प्रतिशत युवा हैं। यहां दूसरे प्रदेशों की तुलना में रोजगार प्राप्त करने वालों की संख्या अधिक है। सरकार ने करीब 10 हजार मेगावाट क्षमता की बिजली परियोजनाएं आवंटित की हैं।
उद्योगों में 4.34 लाख लोगों को रोजगार दिया गया
सरकार यह सुनिश्चित करेगी किइन परियोजनाओं में काम आरंभ होने पर प्रदेश के हजारों युवाओं को रोजगार मिले। पर्यटन में रोजगार की संभावनाएं है। युवाओं को ईको टूरिज्म, जलक्रीड़ा, साहसिक पर्यटन और कैंप लगाने को प्रोत्साहित करेंगे।
उद्योगों में भी सुनिश्चित करेंगे कि हिमाचली युवाओं को 80 प्रतिशत रोजगार मिले। उद्योगों में 4.34 लाख लोगों को रोजगार दिया गया है। मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने कहा कि प्रदेश में निवेश को इस तरह से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, ताकि प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिले।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव पीडब्ल्यूडी मनीषा नंदा, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अनिल कुमार खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राम सुभग सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।
सरल बनाएंगे पट्टे पर भूमि देने की प्रक्रिया : सीएम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि विकासात्मक योजनाओं को पट्टे पर भूमि देने की प्रक्रिया सरल बनाई जाएगी। सरकार विभिन्न स्वीकृतियों में होने वाली देरी से निपटने को एमसीए और एफआरए में समयबद्ध अनापत्ति प्रमाण पत्र देगी।
इससे युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी सकारात्मक बदलाव लाया जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इन परियोजनाओं को शीघ्र कार्यान्वित करने के आदेश दिए।
कहा कि सभी विभागों को लक्ष्य निर्धारित करके काम करना चाहिए। अधिकारियों और कर्मचारियों को उत्साह और जोश के साथ कार्य करना चाहिए।