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Shimla News: कर्मियों दी ज्यादा तनख्वाह अब रिकवरी के लिए थमाए नोटिस
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अमर उजाला एक्सक्लूसिव...
नगर निगम के 11 कर्मचारियों का मामला
वेतन निर्धारण में हुई गलती से फंस गए साढ़े आठ लाख रुपये
चतुर्थ और तृतीय श्रेणी कर्मचारियों से नहीं होगी रिकवरी
ऑडिट रिपोर्ट में हुआ था ज्यादा पैसा देने का खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में नगर निगम कर्मचारियों को ज्यादा तनख्वाह देने के मामले का खुलासा होने के बाद निगम प्रशासन ने संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दिए हैं। नोटिस के जरिये इन्हें निगम की ओर से की गई ओवरपेमेंट की जानकारी दी है। साथ ही रिकवरी को लेकर भी पूछा है।
हालांकि इस मामले में इन कर्मचारियों की अपनी कोई गलती नहीं है। प्रशासन के अनुसार वेतन निर्धारण के समय हुई गलती के चलते इन्हें ज्यादा तनख्वाह जारी हो गई थी। निगम वह दस्तावेज भी ढूंढ रहा है जिनके आधार पर इन कर्मचारियों की ज्यादा तनख्वाह तय की गई। लेकिन कई साल पुराने मामले होने के कारण यह दस्तावेज भी फिलहाल नहीं मिल रहे हैं। निगम अब कर्मचारियों की सहमति से तनख्वाह या सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाले वित्तीय लाभ से यह पैसा काट सकता है। हालांकि यह भी इतना आसान नहीं है क्योंकि इसमें कर्मचारियों का कोई लेना देना नहीं है। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार कुल 11 कर्मचारियों को करीब साढ़े आठ लाख रुपये का ज्यादा भुगतान किया है। इनमें से कुछ कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। एक की मौत हो चुकी है।
निगम प्रशासन के अनुसार मृतक कर्मचारी से 1.41 लाख रुपये की रिकवरी होनी थी। लेकिन अब यह नहीं होगी। इसी तरह चतुर्थ और तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों से भी रिकवरी नहीं होगी। इनके अलावा कुछ कर्मचारी जो अब सेवाएं दे रहे हैं, उनसे पैसे की वसूली को लेकर नोटिस दिए गए हैं। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से रिकवरी नहीं हो सकती। कुछेक कर्मचारियों को इस बारे में नोटिस दिए गए हैं।
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पुराना है मामला, ऑडिट से हुआ खुलासा
कर्मचारियों को ज्यादा तनख्वाह देने का यह मामला काफी पुराना है। इनमें ज्यादातर सफाई कर्मचारी और मजदूर शामिल हैं। कुछ कर्मचारियों को साल 1993 से ज्यादा तनख्वाह देने की बात सामने आई है। इसके अलावा बाकी मामले 2005 से 2022 तक के बीच के हैं। खास बात यह है कि निगम के ऑडिट में भी पहली बार इस तरह की रिपोर्ट सामने आई है। इसका पता चलते ही निगम ने इस पर गंभीरता से कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
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नगर निगम के 11 कर्मचारियों का मामला
वेतन निर्धारण में हुई गलती से फंस गए साढ़े आठ लाख रुपये
चतुर्थ और तृतीय श्रेणी कर्मचारियों से नहीं होगी रिकवरी
ऑडिट रिपोर्ट में हुआ था ज्यादा पैसा देने का खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में नगर निगम कर्मचारियों को ज्यादा तनख्वाह देने के मामले का खुलासा होने के बाद निगम प्रशासन ने संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दिए हैं। नोटिस के जरिये इन्हें निगम की ओर से की गई ओवरपेमेंट की जानकारी दी है। साथ ही रिकवरी को लेकर भी पूछा है।
हालांकि इस मामले में इन कर्मचारियों की अपनी कोई गलती नहीं है। प्रशासन के अनुसार वेतन निर्धारण के समय हुई गलती के चलते इन्हें ज्यादा तनख्वाह जारी हो गई थी। निगम वह दस्तावेज भी ढूंढ रहा है जिनके आधार पर इन कर्मचारियों की ज्यादा तनख्वाह तय की गई। लेकिन कई साल पुराने मामले होने के कारण यह दस्तावेज भी फिलहाल नहीं मिल रहे हैं। निगम अब कर्मचारियों की सहमति से तनख्वाह या सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाले वित्तीय लाभ से यह पैसा काट सकता है। हालांकि यह भी इतना आसान नहीं है क्योंकि इसमें कर्मचारियों का कोई लेना देना नहीं है। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार कुल 11 कर्मचारियों को करीब साढ़े आठ लाख रुपये का ज्यादा भुगतान किया है। इनमें से कुछ कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। एक की मौत हो चुकी है।
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निगम प्रशासन के अनुसार मृतक कर्मचारी से 1.41 लाख रुपये की रिकवरी होनी थी। लेकिन अब यह नहीं होगी। इसी तरह चतुर्थ और तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों से भी रिकवरी नहीं होगी। इनके अलावा कुछ कर्मचारी जो अब सेवाएं दे रहे हैं, उनसे पैसे की वसूली को लेकर नोटिस दिए गए हैं। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से रिकवरी नहीं हो सकती। कुछेक कर्मचारियों को इस बारे में नोटिस दिए गए हैं।
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पुराना है मामला, ऑडिट से हुआ खुलासा
कर्मचारियों को ज्यादा तनख्वाह देने का यह मामला काफी पुराना है। इनमें ज्यादातर सफाई कर्मचारी और मजदूर शामिल हैं। कुछ कर्मचारियों को साल 1993 से ज्यादा तनख्वाह देने की बात सामने आई है। इसके अलावा बाकी मामले 2005 से 2022 तक के बीच के हैं। खास बात यह है कि निगम के ऑडिट में भी पहली बार इस तरह की रिपोर्ट सामने आई है। इसका पता चलते ही निगम ने इस पर गंभीरता से कार्रवाई भी शुरू कर दी है।