फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   HPMC bod meeting Decisions: Apple Schnapps to be made from Himachal apples; plant to be set up at Parala.

एचपीएमसी बीओडी बैठक फैसले: हिमाचल के सेब से बनेगा एप्पल श्नैप्स, पराला में लगेगा संयंत्र

Thu, 08 Oct 2026 10:27 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी।
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 08 Oct 2026 10:27 PM IST
सार

 प्रदेश के सेब से अब एप्पल श्नैप्स तैयार किया जाएगा। इसके लिए जिला शिमला की पराला सेब मंडी के समीप स्थित एचपीएमसी के खाद्य प्रसंस्करण संयंत्र में अलग से प्लांट स्थापित किया जाएगा।

विज्ञापन
HPMC bod meeting Decisions: Apple Schnapps to be made from Himachal apples; plant to be set up at Parala.
एचपीएमसी बीओडी बैठक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के सेब से अब एप्पल श्नैप्स तैयार किया जाएगा। इसके लिए जिला शिमला की पराला सेब मंडी के समीप स्थित एचपीएमसी के खाद्य प्रसंस्करण संयंत्र में अलग से प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसकी अनुमानित लागत 8.19 करोड़ रुपये है। शुक्रवार को बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में हुई एचपीएमसी निदेशक मंडल की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। एचपीएमसी का दावा है कि यह देश का पहला सक्रिय और सत्यापित एप्पल श्नैप्स संयंत्र होगा। एप्पल श्नैप्स सेब से तैयार होने वाला मादक पेय है, जिसे उच्च गुणवत्ता वाली शराब की श्रेणी में रखा जाता है। निगम वर्तमान में एप्पल वाइन का उत्पादन कर रहा है।

विज्ञापन


नए संयंत्र के माध्यम से सेब के प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने के साथ बागवानों के लिए अतिरिक्त बाजार उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। एचपीएमसी के परामर्शक केके सूद ने बताया कि वर्तमान में कोई भी वाणिज्यिक कंपनी सत्यापित एप्पल श्नैप्स का सक्रिय रूप से उत्पादन नहीं कर रही है। इससे ऐसी सेब की उपज का भी व्यावसायिक उपयोग किया जा सकेगा, जिसे ताजा फल के रूप में अपेक्षित मूल्य नहीं मिल पाता। बागवानी मंत्री ने कहा कि पहल का उद्देश्य बागवानी क्षेत्र में अधिक मूल्यवर्धन, बेहतर बाजार पहुंच और व्यापक व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराना है। बैठक में एचपीएमसी की निष्क्रिय और कम उपयोग में आ रही परिसंपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग पर भी चर्चा हुई। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से इन परिसंपत्तियों के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशने का निर्णय लिया गया।

विज्ञापन
Trending Videos

खाद्य प्रसंस्करण संयंत्रों का होगा आधुनिकीकरण
एचपीएमसी के खाद्य प्रसंस्करण संयंत्रों के आधुनिकीकरण और उन्नयन पर करीब 1.69 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके साथ निगम के उत्पादों की ब्रांडिंग, प्रचार-प्रसार और विपणन व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। घरेलू बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में उत्पादों की पहुंच बढ़ाने के लिए नए बाजारों की पहचान करने पर जोर दिया गया।

विज्ञापन

दूसरे राज्यों में खुलेंगे एचपीएमसी के कियोस्क
बैठक में हिमाचल से बाहर एचपीएमसी के कियोस्क स्थापित करने की नई नीति को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत दूसरे राज्यों के प्रमुख शहरों और उपयुक्त स्थानों पर निगम के उत्पादों की बिक्री के लिए नए चैनल विकसित किए जाएंगे। किसानों और बागवानों के व्यक्तिगत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए एचपीएमआईएम वेब पोर्टल और मोबाइल एप का उपयोग होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed