एचपीएमसी बीओडी बैठक फैसले: हिमाचल के सेब से बनेगा एप्पल श्नैप्स, पराला में लगेगा संयंत्र
प्रदेश के सेब से अब एप्पल श्नैप्स तैयार किया जाएगा। इसके लिए जिला शिमला की पराला सेब मंडी के समीप स्थित एचपीएमसी के खाद्य प्रसंस्करण संयंत्र में अलग से प्लांट स्थापित किया जाएगा।
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हिमाचल प्रदेश के सेब से अब एप्पल श्नैप्स तैयार किया जाएगा। इसके लिए जिला शिमला की पराला सेब मंडी के समीप स्थित एचपीएमसी के खाद्य प्रसंस्करण संयंत्र में अलग से प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसकी अनुमानित लागत 8.19 करोड़ रुपये है। शुक्रवार को बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में हुई एचपीएमसी निदेशक मंडल की बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। एचपीएमसी का दावा है कि यह देश का पहला सक्रिय और सत्यापित एप्पल श्नैप्स संयंत्र होगा। एप्पल श्नैप्स सेब से तैयार होने वाला मादक पेय है, जिसे उच्च गुणवत्ता वाली शराब की श्रेणी में रखा जाता है। निगम वर्तमान में एप्पल वाइन का उत्पादन कर रहा है।
नए संयंत्र के माध्यम से सेब के प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने के साथ बागवानों के लिए अतिरिक्त बाजार उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। एचपीएमसी के परामर्शक केके सूद ने बताया कि वर्तमान में कोई भी वाणिज्यिक कंपनी सत्यापित एप्पल श्नैप्स का सक्रिय रूप से उत्पादन नहीं कर रही है। इससे ऐसी सेब की उपज का भी व्यावसायिक उपयोग किया जा सकेगा, जिसे ताजा फल के रूप में अपेक्षित मूल्य नहीं मिल पाता। बागवानी मंत्री ने कहा कि पहल का उद्देश्य बागवानी क्षेत्र में अधिक मूल्यवर्धन, बेहतर बाजार पहुंच और व्यापक व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराना है। बैठक में एचपीएमसी की निष्क्रिय और कम उपयोग में आ रही परिसंपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग पर भी चर्चा हुई। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से इन परिसंपत्तियों के इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशने का निर्णय लिया गया।
खाद्य प्रसंस्करण संयंत्रों का होगा आधुनिकीकरण
एचपीएमसी के खाद्य प्रसंस्करण संयंत्रों के आधुनिकीकरण और उन्नयन पर करीब 1.69 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके साथ निगम के उत्पादों की ब्रांडिंग, प्रचार-प्रसार और विपणन व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। घरेलू बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में उत्पादों की पहुंच बढ़ाने के लिए नए बाजारों की पहचान करने पर जोर दिया गया।
दूसरे राज्यों में खुलेंगे एचपीएमसी के कियोस्क
बैठक में हिमाचल से बाहर एचपीएमसी के कियोस्क स्थापित करने की नई नीति को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत दूसरे राज्यों के प्रमुख शहरों और उपयुक्त स्थानों पर निगम के उत्पादों की बिक्री के लिए नए चैनल विकसित किए जाएंगे। किसानों और बागवानों के व्यक्तिगत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए एचपीएमआईएम वेब पोर्टल और मोबाइल एप का उपयोग होगा।