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हिमाचल: शहरी स्थानीय निकायों के अनुबंध कर्मियों का नियमितीकरण अटका, जानें क्या है वजह
Thu, 08 Oct 2026 11:09 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 08 Oct 2026 11:09 PM IST
सार
कर्मचारियों के अनुसार मुख्य सचिव ने सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और परिषदों को 30 सितंबर तक पात्रता पूरी करने वाले कर्मचारियों के नियमितीकरण आदेश एक अक्तूबर 2026 को जारी करने के निर्देश दिए थे।
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हिमाचल प्रदेश शहरी विकास विभाग।
- फोटो : hpgovt
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में 30 सितंबर तक दो वर्ष का अनुबंध कार्यकाल पूरा करने वाले विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों और परिषदों के पात्र कर्मचारियों को नियमित किया जा चुका है, लेकिन शहरी विकास विभाग के अधीन शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में कार्यरत अनुबंध और दिहाड़ीदार कर्मचारी अब भी नियमितीकरण आदेशों का इंतजार कर रहे हैं।
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कर्मचारियों के अनुसार मुख्य सचिव ने सभी विभागों, बोर्डों, निगमों और परिषदों को 30 सितंबर तक पात्रता पूरी करने वाले कर्मचारियों के नियमितीकरण आदेश एक अक्तूबर 2026 को जारी करने के निर्देश दिए थे। अन्य विभागों में इन निर्देशों पर अमल हो चुका है, जबकि शहरी स्थानीय निकायों कर्मचारियों के मामले में प्रक्रिया अभी लंबित है। कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से शहरी स्थानीय निकायों में सेवाएं दे रहे हैं। नियमितीकरण में देरी से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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समान अवधि की सेवा पूरी कर चुके अन्य विभागों के कर्मचारियों के नियमित होने से यूएलबी कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि लगातार टल रहे नियमितीकरण से वे मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार और शहरी विकास विभाग से पात्र कर्मचारियों के नियमितीकरण आदेश तत्काल जारी करने की मांग की है। साथ ही विभागीय स्तर पर हो रही देरी को दूर कर मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई करने की अपील की है। कर्मचारियों ने चेताया कि जल्द निर्णय नहीं हुआ तो उनका रोष आंदोलन का रूप ले सकता है।
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