नहीं पूरी की ये मांगें, सीएम से नाराज कर्मचारी
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महंगाई भत्ता जारी करने समेत कई बड़ी घोषणाएं करने के बावजूद हिमाचल के कर्मचारी सीएम से नाराज है। इनका कहना है कि सीएम वीरभद्र सिंह ने कुछ कर्मचारियों के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं की जिससे हजारों कर्मचारियों को निराशा हाथ लगी है।
हिमाचल स्कूल प्रवक्ता संघ के शिमला जिले के प्रधान काना सिंह रॉकी महासचिव महासचिव भूपेंद्र ठाकुर और परम देव तथा संजय देष्टा ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों के साथ सरकार ने धोखा किया है।
वित्त विभाग के मुताबिक बढ़ा हुआ ग्रेड पे एक वित्तीय बढ़ोतरी है। इसकी वजह से कर्मचारियों को 4-9-14 का लाभ भी पूरी तरह नहीं मिल रहा।
शिक्षक भी हुए नाराज
प्रदेश अनुबंध अध्यापक संघ जेसीसी बैठक में अनुबंध कर्मियों की एक भी मांग न मानने से खफा है। अध्यक्ष राजेश जयसिंहपुरिया ने कहा कि सरकार और जेसीसी से अनुबंध कर्मियों को बहुत उम्मीद थी, लेकिन अनदेखी से अनुबंध कर्मियों में निराशा है।
कहा कि बजट सत्र तक सरकार के धर्मशाला में संघ को दिए आश्वासन के अनुसार इंतजार करेंगे। सरकार ने अपना वादा नहीं निभाया तो मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा। महासचिव राजेश वर्मा ने कहा कि एक फरवरी को हमीरपुर में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक होगी।
इसमें आगामी रणनीति तैयार करने के साथ प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार किया जाएगा। संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय ठाकुर, उपाध्यक्ष शशि सैणी, सुरेंद्र शर्मा, संदीप, नरेश कुमार, वित्त सचिव कपिल डोगरा, प्रेस सचिव विजय सैणी आदि ने संयुक्त बयान में जेसीसी बैठक में अनुबंध कर्मियों की अनदेखी पर नाराजगी जताई।
सरकार के सामने रखी ये मांगें
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि पंजाब की तर्ज पर कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान दिया जाए। प्रवक्ताओं को 4200 का ही ग्रेड पे दिया और दो साल का सेवा काल पूरा करने के बाद ही 5400 ग्रेड पे मिलना शुरू होगा। पंजाब में ऐसी दो साल की शर्त नहीं है।
टीजीटी 5000 ग्रेड पे ले रहे हैं वो पदोन्नत हो कर पीजीटी बन जाते हैं तो उन्हें ग्रेड पे 4200 मिलता है। इस नियम से साफ है कि कर्मचारियों का प्रमोशन होने पर वेतनमान बढ़ने के बजाय घट जाता है। इस नियम से अनुबंध पर काम कर रहे प्रवक्ताओं पैरा प्रवक्ताओं और प्रवक्ता बनने वाले बेरोजगार नौजवानों के साथ सरासर अन्याय हो रहा है।
प्रवक्ता संघ पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की है कि बजट सत्र में बजट में प्रावधान कर दो साल के सेवाकाल पूरा करने की शर्त को वापस लिया जाए। हिमाचल अनुबंध अध्यापकों को जेसीसी की बैठक में कोई घोषणा न होने से निराश होना पड़ा है। रॉकी ने अनुबंध कर्मियों के लिए कोई भी फैसला न लिए जाने पर रोष व्यक्त किया है। मांग की कि जल्द अनुबंध पर काम कर रहे प्रवक्ताओं को पांच साल में नियमित किए जाने की घोषणा की जाए।
अंतरिम राहत भत्ता देने पर खुशी
वहीं, लाहौल-स्पीति अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष मेघ सिंह की अध्यक्षता में देश राज भारद्वाज, शिव लाल डोगरा, सुरेंद्र ठाकुर तथा जगदंबा प्रसाद ने शिमला में जेसीसी की बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से कर्मचारियों को सात प्रतिशत अंतरिम राहत भत्ता देने पर कर्मचारियों ने खुशी जाहिर की है।
जिला लाहौल-स्पीति अराजपत्रित कर्मचारी संघ ने कर्मचारियों की मांगों को भी सलाहकार समिति की बैठक में प्रमुखता से रखा और सरकार ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को जल्द पूरा किया जाएगा। संघ ने प्रदेश स्तरीय फैडरल हाउस को लाहौल में करवाए जाने के संकेत दिए हैं।