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निजी स्कूलों ने कमजोर वर्ग के कितने बच्चों को दिया दाखिला, मांगा रिकॉर्ड
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Thu, 21 Jun 2018 09:37 AM IST
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समाज के कमजोर और उपेक्षित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में दिए गए प्रवेश को लेकर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने जिलों से तीन दिन में ब्योरा तलब किया है। सरकार से किसी भी प्रकार की मदद नहीं लेने वाले निजी स्कूलों पर ये आदेश लागू किए गए हैं।
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निजी स्कूलों के लिए कुल दाखिल बच्चों में से समाज के कमजोर वर्गों के लिए 25 फीसदी दाखिला देना जरूरी किया गया है। यह दाखिला बीपीएल परिवारों से संबंधित या विकलांगता से युक्त बच्चों को देना होगा। एससी, एसटी परिवारों के बच्चों को भी प्राथमिकता देनी होगी।
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आरटीई के तहत ऐसा करने की व्यवस्था लागू करने के निर्देश पहले से ही हैं, मगर अब इसे सरकार सख्ती से लागू कर रही है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा ने कहा है कि आरटीई नियमों के तहत निजी स्कूलों में 25 फीसदी सीटें गरीब वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित की गई है।
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नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूल प्रबंधनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।