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Shimla News: राजधानी के 34 वार्डों से उठेगा इलेक्ट्राॅनिक कचरा
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नगर निगम जल्द शुरू करेगा शहर में मुहिम
इलेक्ट्राॅनिक कचरे से निकलते हैं कई जहरीले रसायन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर के 34 वार्डों से नगर निगम अब इलेक्ट्राॅनिक कचरा (ई-वेस्ट) उठाएगा। नगर निगम आने वाले दिनों में शहरवासियों को यह सुविधा प्रदान करेगा। निगम का दावा है कि इलेक्ट्राॅनिक कचरा घरों में रहने से दुष्परिणामों का सामना करना पड़ता है।
नगर निगम शिमला ने मंगलवार को रोटरी टाउनहॉल से इसकी शुरुआत की है। नगर निगम का कहना है कि शहरवासियों के घरों में सैकड़ों की तादाद में खराब हो चुके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे कंप्यूटर, फोन, फ्रिज और टीवी पड़े रहते हैं। इस तरह के कचरे से जहरीले रसायन निकलते रहते हैं, जोकि मानव और पशुओं के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। इसका समय पर निपटारा न होने से लोगों के मस्तिष्क के विकास में बाधा आती है। इससे लोगों को मानसिक विकार, स्मृति हानि, कैंसर के अलावा गुर्दे की बीमारी तक हो सकती है। अब इस तरह की समस्याओं से बचाव के लिए नगर निगम ने यह फैसला लिया है।
नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर भुवन शर्मा ने बताया कि प्रथम चरण में होटल, अस्पताल से ई-वेस्ट इकट्ठा किया है। आने वाले दिनों में शहर के वार्डों से अलग-अलग दिनों से यह कचरा उठाया जाएगा। गौरतलब है कि लोगों के घरों में सालों से पुराने टीवी भी पड़े हैं। इन टीवी को न तो दुकान वाले लेते हैं न ही इन्हें आम कचरे के साथ उठाया जाता है। अब नगर निगम की ई वेस्ट इकट्ठा करने की मुहिम के तहत लोग ऐसे टीवी भी अपने घरों से निकालकर दे सकेंगे।
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यह होता है नुकसान
ई-वेस्ट से सीसा और पारा जैसे जहरीले रसायन निकलते हैं जो तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके अलावा पर्यावरण के लिए भी यह खतरनाक साबित होते हैं। इसमें जहरीले पदार्थ रिसकर मिट्टी और भूजल को प्रदूषित करते हैं। इसके अलावा यह जल स्रोतों को असुरक्षित बनाता है।
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इलेक्ट्राॅनिक कचरे से निकलते हैं कई जहरीले रसायन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। शहर के 34 वार्डों से नगर निगम अब इलेक्ट्राॅनिक कचरा (ई-वेस्ट) उठाएगा। नगर निगम आने वाले दिनों में शहरवासियों को यह सुविधा प्रदान करेगा। निगम का दावा है कि इलेक्ट्राॅनिक कचरा घरों में रहने से दुष्परिणामों का सामना करना पड़ता है।
नगर निगम शिमला ने मंगलवार को रोटरी टाउनहॉल से इसकी शुरुआत की है। नगर निगम का कहना है कि शहरवासियों के घरों में सैकड़ों की तादाद में खराब हो चुके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे कंप्यूटर, फोन, फ्रिज और टीवी पड़े रहते हैं। इस तरह के कचरे से जहरीले रसायन निकलते रहते हैं, जोकि मानव और पशुओं के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। इसका समय पर निपटारा न होने से लोगों के मस्तिष्क के विकास में बाधा आती है। इससे लोगों को मानसिक विकार, स्मृति हानि, कैंसर के अलावा गुर्दे की बीमारी तक हो सकती है। अब इस तरह की समस्याओं से बचाव के लिए नगर निगम ने यह फैसला लिया है।
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नगर निगम के ज्वाइंट कमिश्नर भुवन शर्मा ने बताया कि प्रथम चरण में होटल, अस्पताल से ई-वेस्ट इकट्ठा किया है। आने वाले दिनों में शहर के वार्डों से अलग-अलग दिनों से यह कचरा उठाया जाएगा। गौरतलब है कि लोगों के घरों में सालों से पुराने टीवी भी पड़े हैं। इन टीवी को न तो दुकान वाले लेते हैं न ही इन्हें आम कचरे के साथ उठाया जाता है। अब नगर निगम की ई वेस्ट इकट्ठा करने की मुहिम के तहत लोग ऐसे टीवी भी अपने घरों से निकालकर दे सकेंगे।
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यह होता है नुकसान
ई-वेस्ट से सीसा और पारा जैसे जहरीले रसायन निकलते हैं जो तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके अलावा पर्यावरण के लिए भी यह खतरनाक साबित होते हैं। इसमें जहरीले पदार्थ रिसकर मिट्टी और भूजल को प्रदूषित करते हैं। इसके अलावा यह जल स्रोतों को असुरक्षित बनाता है।