भर्ती घोटाले के आरोपी एसपी-एएसपी के रुकेंगे दो इंक्रीमेंट
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वीरभद्र सरकार के दौरान साल 2016 में हुई कांस्टेबल भर्ती में बड़े घोटाले की विभागीय जांच में पुष्टि के बाद गृह विभाग ने तत्कालीन एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी और तत्कालीन एडिशनल एसपी ऊना अमित शर्मा के दो-दो इंक्रीमेंट रोकने के आदेश जारी किए हैं।
गृह विभाग ने ये आदेश ‘अमर उजाला’ के 11 जून के अंक में ‘हिमाचल पुलिस कांस्टेबल भर्ती में गड़बड़झाला’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद आरोपी अफसरों को जारी किए शो कॉज नोटिस के जवाब से असंतुष्ट होने के बाद दिए हैं।
2016 में हुई कांस्टेबल भर्ती में 1200 पुरुष और 300 महिला कांस्टेबलों की भर्ती हुई। अधिसूचना के अनुसार आरक्षी बनने के लिए उम्र के अलावा लंबाई, सीना और शैक्षणिक योग्यता की न्यूनतम सीमा तय की थी।
शिमला में कांस्टेबल भर्ती में घोटाले का आरोपी है एसपी डीडब्ल्यू नेगी
विभागीय सूत्रों के अनुसार शिमला और ऊना जिले में भर्ती के दौरान अधिकारियों ने न्यूनतम शारीरिक दक्षता अर्हता पूरा न करने के बावजूद कुछ आवेदकों को न सिर्फ भर्ती परीक्षा में पास कराया, बल्कि उनकी ट्रेनिंग के बाद नियुक्ति तक हो गई। इस बीच कुछ आवेदकों ने हाईकोर्ट में अपात्रों की नियुक्ति को चुनौती दे दी।
महकमे ने हाईकोर्ट के निर्देश पर कथित अपात्र आवेदकों की शारीरिक दक्षता की परीक्षा दोबारा ली और मेडिकल में वे अनफिट पाए गए, लेकिन पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई।
चुनाव के बाद सूबे का निजाम बदला और सत्ता में जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली भाजपा की सरकार आई और दोनों पुलिस अधिकारियों के खिलाफ शो कॉज नोटिस जारी हो गए। अब दोनों के जवाब से असंतुष्ट होने के बाद गृह विभाग ने पुलिस मुख्यालय को दोनों ही अफसरों के दो-दो इंक्रीमेंट रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं।