फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Drinking water company Belgaum rejected the decision not to increase water rates.

Shimla News: पेयजल कंपनी बेलगाम, पानी की दरें न बढ़ाने का फैसला ठुकराया

Mon, 01 Apr 2024 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 01 Apr 2024 11:59 PM IST
विज्ञापन
Drinking water company Belgaum rejected the decision not to increase water rates.
एमसी सदन में लिया था पानी की दरें न बढ़ाने का फैसला, महापौर ने दोबारा बुलाई इस मुद्दे पर बैठक
विज्ञापन

51 फीसदी हिस्सेदारी है कंपनी में एमसी की
सरकार से पानी दरें बढ़ाने की मंजूरी का इंतजार
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। नगर निगम सदन के विरोध के बावजूद राजधानी में पानी महंगा होगा। पेयजल कंपनी ने नगर निगम के सदन के पानी की दरें न बढ़ाने के फैसले को ठुकरा दिया है। हालांकि महापौर ने इस मामले को लेकर मंगलवार को फिर से कंपनी के अधिकारियों की बैठक बुलाई है।

हैरत इस बात की है कि कंपनी में 51 फीसदी हिस्सेदारी एमसी की है। ऐसे में एमसी का फैसला न मानने से कंपनी के दिए तर्क को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब सदन के फैसले और महापौर के निर्देशों के बावजूद पेयजल कंपनी ने शहर में पानी के बिल जारी करने पर लगाई रोक जारी रखी है। पानी महंगा करने पर अड़ी कंपनी को अभी भी सरकार से इस पर मंजूरी मिलने का इंतजार है।
विज्ञापन


शहर में इस पर सियासत गरमा गई है। यह पहला मौका है जब नगर निगम सदन की असहमति के बावजूद शिमला शहर में पानी की दरें बढ़ने वाली हैं। महापौर ने शनिवार को पेयजल कंपनी से इस बारे में बात की थी। सदन के फैसले के बारे में भी कंपनी को अवगत करवाया था। साथ ही पानी की दरें बढ़ाने का फैसला कुछ माह के लिए टालने को कहा था। लेकिन कंपनी विश्व बैंक की शर्त का हवाला देकर मार्च से ही पानी महंगा करने पर अड़ी है। शहर में फरवरी के बाद से ही बिलिंग प्रक्रिया बंद है। इस पर भाजपा पार्षदों ने भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सदन के फैसले के बावजूद कंपनी पानी महंगा नहीं कर सकती। कंपनी को पुरानी दरों पर बिल जारी करने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन



दोबारा होगी इस मुद्दे पर बात : महापौर
महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि मंगलवार को दोबारा कंपनी के अधिकारियों से इस बारे में बात की जाएगी। पहले हुई बैठक में कंपनी ने विश्व बैंक की शर्त का हवाला देकर पानी की दरें बढ़ाने की बात कही थी लेकिन लोगों को राहत दिलाने के लिए एमसी प्रयासरत है। लोगों को पानी के मासिक बिल जारी होने चाहिए।



एमसी ने ही बनाई थी कंपनी
नगर निगम ने ही साल 2018 में पेयजल कंपनी का गठन किया था। भाजपा शासित नगर निगम के समय बनी इस कंपनी में अभी भी निगम 51 फीसदी हिस्सेदार है। कंपनी के गठन के समय दावा किया था कि शहर में सदन की मंजूरी के बाद ही पानी की दरों पर फैसला लिया जाएगा लेकिन अब ऐसा नहीं किया जा रहा। कंपनी न सिर्फ पानी की दरें बढ़ा रही है बल्कि निगम से संपत्तियां भी अपने नाम करवा रही है।




महापौर दफ्तर के बाहर धरने की चेतावनी
राजधानी में पानी महंगा करने और शहर में बिल जारी न करने को लेकर समाजसेवी एवं भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष रवि कुमार ने महापौर दफ्तर के बाहर धरने की चेतावनी दे दी है। रवि का कहना है कि शिमला शहर में दो माह से लोगों को पानी के बिल नहीं दिए जा रहे। अब यदि एकसाथ बिल दिए तो आंदोलन होगा। रवि ने चेतावनी दी कि यदि एक हफ्ते के भीतर शिमला शहर में पानी के बिल जारी नहीं किए गए तो वह स्थानीय लोगों के साथ मिलकर नगर निगम दफ्तर के बाहर धरना शुरू कर देंगे। पेयजल कंपनी के अधिकारियों से भी इस बारे में बात की गई लेकिन किसी ने भी बिल जारी करने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article