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फर्जी डिग्रियों से नौकरी लेने वाले शिक्षकों के मामले में निदेशालय ने कसा शिकंजा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Updated Wed, 28 Mar 2018 10:13 AM IST
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फर्जी डिग्रियों से नौकरी हासिल करने वाले 21 टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों का रिकॉर्ड उच्च शिक्षा निदेशालय ने तलब कर लिया है। इन शिक्षकों पर कार्रवाई से पहले निदेशालय विजिलेंस से भी जांच रिपोर्ट लेगा। बिहार की मगध यूनिवर्सिटी में डिग्रियों की जांच-पड़ताल कर विजिलेंस टीम हाल ही में प्रदेश लौटी है।
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खुलासा! फर्जी है इन अध्यापकों की डिग्री, अब जाएगी नौकरी और होगी रिकवरी
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अमर उजाला में प्रकाशित खबरों पर संज्ञान लेकर जिला उपनिदेशकों से इन शिक्षकों का रिकॉर्ड तलब किया है। उच्च शिक्षा निदेशक अमरदेव ने बताया कि फर्जी डिग्री पर नौकरी लेने वाले शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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विजिलेंस जांच में सामने आया है कि प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में कार्यरत 21 टीजीटी और पीजीटी ने मगध विश्वविद्यालय के नाम की फर्जी डिग्रियां दिखाकर नौकरी ली है।
विजिलेंस टीम ने बिहार जाकर शिक्षकों की डिग्रियों की जांच की है। जांच में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय भी सतर्क हो गया है।
बता दें कि राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो शिमला हेडक्वार्टर में एक व्यक्ति ने फर्जी डिग्रियों की शिकायत की है। आरोप है कि वर्ष 2004-05 में प्रदेश शिक्षा विभाग में टीजीटी की भर्तियों में करीब दो दर्जन अभ्यर्थियों ने फर्जी डिग्रियां दिखाकर सरकारी नौकरी हासिल कर ली।