{"_id":"69ac24c4b5206f33b80304ff","slug":"dharamshala-declaration-issued-appealing-for-support-for-tibetan-independence-2026-03-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dharamshala Declaration: धर्मशाला घोषणा पत्र जारी, तिब्बती स्वतंत्रता के समर्थन की अपील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dharamshala Declaration: धर्मशाला घोषणा पत्र जारी, तिब्बती स्वतंत्रता के समर्थन की अपील
Sat, 07 Mar 2026 07:43 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला।
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला।
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 07 Mar 2026 07:43 PM IST
सार
धर्मशाला के परिसर में शनिवार को आयोजित विशेष अंतरराष्ट्रीय तिब्बत समर्थन समूहों की बैठक में प्रतिनिधियों ने धर्मशाला घोषणा पत्र जारी किया।
विज्ञापन
धर्मशाला घोषणा पत्र जारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्रीय तिब्बती प्रशासन धर्मशाला के परिसर में शनिवार को आयोजित विशेष अंतरराष्ट्रीय तिब्बत समर्थन समूहों की बैठक में प्रतिनिधियों ने धर्मशाला घोषणा पत्र जारी किया। बैठक में 32 देशों से आए 106 प्रतिनिधियों ने भाग लिया और तिब्बती लोगों की स्वतंत्रता, न्याय और उनकी सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय पहचान के संरक्षण के संघर्ष को लेकर अपनी एकजुटता व्यक्त की। प्रतिनिधियों ने इस वर्ष को करुणा वर्ष के रूप में मनाए जाने और 14वें दलाई लामा के 90वें जन्मवर्ष के अवसर पर उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
विज्ञापन
घोषणा पत्र में कहा गया कि चीन के साम्यवादी आक्रमण और तिब्बत पर कब्जे के बाद तिब्बती लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने अपने देश की स्वतंत्रता के साथ-साथ अपनी पहचान, संस्कृति, धर्म और जीवन पद्धति के अस्तित्व पर भी खतरा झेला है। इसके बावजूद तिब्बती जनता ने दलाई लामा और निर्वाचित तिब्बती नेतृत्व के मार्गदर्शन में अहिंसक तरीके से अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखी है। प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वह तिब्बत के मुद्दे पर अहिंसक प्रयासों का प्रभावी समर्थन करे ताकि भविष्य में किसी अंतरराष्ट्रीय संकट की स्थिति उत्पन्न न हो।
विज्ञापन
घोषणा पत्र में 2 जुलाई 2025 को दलाई लामा के उस महत्वपूर्ण वक्तव्य का भी उल्लेख किया गया जिसमें तिब्बती बौद्ध धर्म में पुनर्जन्म की मान्यता के विषय पर स्पष्ट मार्गदर्शन दिया गया था। पत्र में निर्वासन में रह रहे तिब्बतियों की लोकतांत्रिक शासन प्रणाली की सराहना करते हुए सीटीए के नेतृत्व को समर्थन दिया। प्रतिनिधियों ने विश्व की सरकारों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों और नागरिक समाज से अपील की कि वे सीटीए को तिब्बती लोगों की वैध निर्वासित सरकार के रूप में औपचारिक मान्यता दें। इस मौके पर अंतरराष्ट्रीय तिब्बत अभियान के अध्यक्ष रिचर्ड गेरे, कोर ग्रुप ऑफ तिब्बतन कॉज इंडिया के राष्ट्रीय संयोजक रिनछिन खांडू ख्रिमे, जर्मनी से काई मुल्लर और निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री पेंपा सेरिंग विशेष रूप से उपस्थित रहे।
विज्ञापन